एक तरफ इस्तीफे की मांग, दूसरी तरफ पद्म भूषण… ज्ञानेश कुमार पर सियासत में नया ट्विस्ट

gyanesh kumar

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर इन दिनों सियासी गलियारों में दो बिल्कुल विरोधाभासी सुर सुनाई दे रहे हैं। एक तरफ जहां विपक्ष उनके इस्तीफे तक की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने एक चौंकाने वाला बयान देकर सबको हैरान कर दिया। शुक्रवार के दिन पानीहाटी इलाके में जब पत्रकारों यह मुद्दा उठाया, तो उन्होंने सीधे कह दिया कि CEC ज्ञानेश कुमार को कम से कम पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एक तंज भी कस दिया। उनका कहना था कि खुद कांग्रेस पार्टी भी राहुल गांधी की बातों को इतना गंभीरता से नहीं लेती।

समिक भट्टाचार्य ने आगे बताया कि पश्चिम बंगाल की जनता इस बात से बहुत खुश है कि एक लंबे समय के बाद इस बार चुनाव के दौरान कहीं भी डराने-धमकाने या खौफ का माहौल देखने को नहीं मिला। उनके मुताबिक, लोगों को बिना किसी डर के, आराम से अपने वोट डालने का पूरा मौका मिला, और कहीं भी हत्या जैसी कोई भयावह घटना सामने नहीं आई, जो अपने आप में एक बड़ी बात है।

घुसपैठियों के नाम हटाने की पहल और जनसमर्थन का दावा

बीजेपी नेता ने इसके आगे एक और अहम बात कही। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल एक सीमावर्ती राज्य है, और यहां वोटर लिस्ट को लेकर पहले से ही कई सवाल उठते रहे हैं। ऐसे संवेदनशील माहौल में ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की जो पहल की, वो एक बेहद जरूरी और साहसी कदम था। समिक भट्टाचार्य के मुताबिक, राज्य की जनता ने काफी लंबे अरसे बाद ऐसा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव देखा है, और आम लोग ज्ञानेश कुमार के इस काम का पूरी तरह समर्थन कर रहे हैं। इसी वजह से उनका मानना है कि CEC को पद्म पुरस्कार मिलना ही चाहिए।

अब सिक्के का दूसरा पहलू 

अब जरा तस्वीर का दूसरा हिस्सा देख लीजिए, जो इससे बिल्कुल उलट है। दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के भीतर चल रहे मतभेदों की खबरों के बीच बहुत तीखे आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जो लोग देश के लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली को तबाह करने में लगे हैं, यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, वो असल में देशद्रोही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में मोदी और शाह को इस पूरे मामले में जांच के दायरे में आना ही पड़ेगा।

राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उनका कहना था कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए और सरकारी गवाह बनकर पूरी सच्चाई सामने रखनी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार ऐसा करना ही असली राष्ट्रवाद होगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चुनाव व्यवस्था और आम लोगों के वोट के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, वो पूरी तरह से राष्ट्र विरोधी काम है, और कांग्रेस समेत बाकी सभी विपक्षी दल इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।