चंगाई सभा के नाम पर जुटते थे लोग, Signal पर 200 से ज्यादा संपर्क… आगरा में बड़ा खुलासा

Agra Conversion Case

Agra Conversion Case: आगरा के सैंया इलाके में कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। मामले की जानकारी मिलने के बाद आईबी के इनपुट पर सैंया पुलिस ने जोधापुरा गांव में कार्रवाई की।

पुलिस ने गुरुवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर फंडिंग और नेटवर्क से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं।

डीसीपी पश्चिम आदित्य सिंह के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

चंगाई सभा के जरिए लोगों को जोड़ने का आरोप

पुलिस का कहना है कि आरोपी सीधे तौर पर धर्मांतरण शब्द का इस्तेमाल नहीं करते थे। इसके बजाय चंगाई सभा आयोजित कर लोगों को अपने संपर्क में लाया जाता था।

इन सभाओं में खासतौर पर गरीब और आर्थिक रूप से परेशान लोगों को बुलाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, लोगों को बीमारी ठीक होने, आर्थिक मदद, बच्चों की पढ़ाई और रोजगार जैसी बातों का भरोसा दिया जाता था।

आरोप है कि सभाओं में चमत्कार और बीमारी दूर करने से जुड़ी बातें बताकर लोगों को प्रभावित किया जाता था।

तीन महीने से घर पर हो रही थी सभा

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, जोधापुरा निवासी प्रताप के घर करीब तीन महीने से ऐसी सभाएं हो रही थीं।

इन कार्यक्रमों में नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोग भी पहुंचते थे। आसपास के गांवों से लोगों को बुलाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती थी।

पिछले करीब एक महीने में सभा में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी। इसके बाद स्थानीय लोगों को गतिविधियों पर शक हुआ। मामले की सूचना आईबी और एलआईयू तक पहुंची।

बुधवार रात पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

मां ने कहा- परिवार को कोई आर्थिक फायदा नहीं मिला

आरोपी प्रताप की मां चंद्रवती ने पुलिस के आरोपों से अलग अपनी बात बताई है। उनका कहना है कि करीब छह महीने पहले वह घुटनों के दर्द की दवा लेने सैंया गई थीं।

वापसी के दौरान टेंपो में एक महिला से उनकी बातचीत हुई। महिला ने उन्हें चंगाई कीर्तन में आने की बात कही। इसके बाद कुछ महिलाओं का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया।

चंद्रवती के मुताबिक, 24 सितंबर को उनके पोते का जन्मदिन था। उस मौके पर कुछ लोग घर आए थे। उन्होंने बोर्ड पर पेन से हाथ और गोले का चित्र बनाकर पूजा करने के लिए कहा।

चंद्रवती का दावा है कि इसके बदले उन्हें किसी तरह का पैसा या आर्थिक लाभ नहीं मिला। उनका कहना है कि परिवार मजदूरी करके चलता है और बेटी की शादी के लिए उन्हें जमीन तक बेचनी पड़ी थी।

पुलिस ने विनीत को बताया नेटवर्क का जोन प्रभारी

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में धर्मांतरण के कथित नेटवर्क के संगठित तरीके से काम करने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस का दावा है कि नेटवर्क को अलग-अलग जोन में बांटा गया था और लोगों को उनकी जिम्मेदारियां दी जाती थीं।

गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर निवासी विनीत वेदी, धौलपुर निवासी बंटू, खेरागढ़ निवासी मुखराज और सैंया निवासी प्रताप शामिल हैं।

डीसीपी पश्चिम के अनुसार, विनीत वेदी इस नेटवर्क के ईस्ट-वेस्ट जोन की जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस के मुताबिक, इस जोन में छह राज्य शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि इन राज्यों के अलग-अलग जिलों में नेटवर्क बढ़ाने के लिए लोगों को जिम्मेदारी और कथित तौर पर फंडिंग दी जाती थी।

छह राज्यों में नेटवर्क होने का पुलिस का दावा

जांच में पुलिस को कथित नेटवर्क के उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक फैले होने की जानकारी मिली है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से कुछ डिजिटल डेटा भी मिलने की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। इससे नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और गतिविधियों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

सिग्नल पर 200 से ज्यादा लोग जुड़े होने का दावा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी Signal और IMO जैसे मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल आपस में संपर्क के लिए करते थे।

जांच एजेंसियों का कहना है कि Signal पर 200 से ज्यादा लोग जुड़े हुए थे। इनमें आगरा के 50 से ज्यादा लोगों के संपर्क में होने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, इन लोगों में सिकंदरा, आवास विकास कॉलोनी और एत्मादुद्दौला क्षेत्र के लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन इलाकों में भी ऐसी सभाएं आयोजित की जाती थीं या नहीं।

फिलहाल पुलिस डिजिटल डेटा और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ा रही है।