September 16, 2026

पंजाब: 7 महीने में विदेशों से लाए गए 10 वांटेड गैंगस्टर, ‘आप’ मंत्री अमन अरोड़ा बोले- अकाली-कांग्रेस ने दिया था इन्हें संरक्षण

pawan

आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने राज्य में गैंगस्टरवाद और नशे के खिलाफ भगवंत मान सरकार की सख्त कार्रवाई का ब्यौरा दिया है। पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति के चलते विदेशों में पनाह लिए बैठे अपराधियों को लगातार कानून के दायरे में लाया जा रहा है।

OFTEC की बड़ी कामयाबी: 7 महीने में 10 गैंगस्टर डिपोर्ट अमन अरोड़ा ने बताया कि विदेशों में बैठे अपराधियों की धरपकड़ के लिए पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर 20 जनवरी 2026 को ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल’ (OFTEC) का गठन किया था।

  • अब तक की कार्रवाई: इस सेल ने सीबीआई, इंटरपोल, एनआईए और विदेश मंत्रालय के साथ तालमेल कर महज सात महीनों में 10 वांटेड भगोड़ों को डिपोर्टेशन या हवालगी के जरिए भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है।

  • लंबित प्रस्ताव: 21 अन्य अपराधियों के प्रत्यर्पण के प्रस्ताव फिलहाल केंद्र सरकार के पास विचाराधीन हैं।

  • प्रमुख गिरफ्तारियां: हाल ही में मोल्दोवा से कुख्यात गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम को वापस लाया गया है। इसके अलावा मलेशिया, इंडोनेशिया, यूएई और अमेरिका से अजय सिंह, जोबनजीत बिल्ला, अमृतपाल सिंह मेहरों और कमलप्रीत सिंह बिल्ला जैसे कई खतरनाक अपराधियों को राज्य में वापस लाकर सलाखों के पीछे भेजा गया है।

अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा प्रहार कैबिनेट मंत्री ने पिछली सरकारों को गैंगस्टरवाद पनपने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने 2021 के बजट सत्र का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान विधानसभा के भीतर तत्कालीन कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया खुलेआम एक-दूसरे पर गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे थे। अरोड़ा ने कहा कि जो लोग सदन में गैंगस्टरों को अपना ‘प्रोडक्ट’ बताते थे, उनके राज में पुलिसकर्मियों तक की हत्याएं हुईं। आज पंजाब उन खौफनाक हालात से बाहर आ चुका है।

केंद्र और भाजपा शासित राज्यों से अपील अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि आज अपराधी एन्क्रिप्टेड मैसेज और कॉल्स का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में संगठित अपराध को रोकना केवल राज्य पुलिस की नहीं, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों से अपील की है कि वे अपनी जेलों में बंद या वहां सुरक्षित पनाह लिए बैठे गैंगस्टरों के नेटवर्क पर भी प्रभावी तरीके से नकेल कसें ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इन आपराधिक नेटवर्कों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।