September 15, 2026

अतीक-अशरफ की अवैध संपत्तियां बेच रहे रिश्तेदार, फरार शाइस्ता और जैनब तक पहुंच रहा पैसा

atiq ahamad

उत्तर प्रदेश के खूंखार माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत के बाद भी उनके ‘काले साम्राज्य’ से उनके फरार परिवारों का गुजारा चल रहा है। एक चौंकाने वाले अपडेट में यह बात सामने आई है कि अतीक और अशरफ ने अपनी गुंडागर्दी और दबंगई के दम पर जो संपत्तियां कमाई या कब्जाई थीं, उन्हें अब उनके रिश्तेदार गुपचुप तरीके से बेच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन अवैध संपत्तियों को बेचने से मिलने वाला पैसा पुलिस की वांटेड लिस्ट में शामिल और लंबे समय से फरार उनकी पत्नियों—शाइस्ता परवीन (अतीक की पत्नी) और जैनब फातिमा (अशरफ की पत्नी)—तक पहुंचाया जा रहा है।

कसारी-मसारी में डरा-धमकाकर कब्जाई थीं जमीनें

प्रयागराज पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अतीक अहमद ने शहर के कसारी-मसारी इलाके में कई जमीनों पर जबरन कब्जा किया था।

  • सरकारी और दुश्मन की संपत्तियां: अतीक ने न सिर्फ डरा-धमकाकर आम लोगों की जमीनें हथियाईं, बल्कि सरकारी जमीनों और अपने विरोधियों की संपत्तियों पर भी अवैध कब्जा जमाया था।

  • साले ने शुरू किया निर्माण: बताया जा रहा है कि कसारी-मसारी में ही अतीक द्वारा कब्जाई गई एक सरकारी जमीन पर अब उसके साले जकी अहमद ने अवैध रूप से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

शिकायतों पर ADM प्रशासन हुआ सख्त, जांच के आदेश

इस पूरे खेल की भनक लगने और कई शिकायतें मिलने के बाद प्रयागराज के एडीएम (ADM) प्रशासन सत्यम मिश्र ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

  • अधिकारियों को निर्देश: उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडीएम नजूल, सीलिंग प्रभारी अधिकारी और एसडीएम सदर को तत्काल कार्रवाई और जांच के सख्त निर्देश दिए हैं।

  • रिश्तेदारों के नाम रजिस्ट्री: एडीएम ने बताया कि ऐसी शिकायतें मिली हैं जिनमें आरोप है कि अतीक ने कब्जा की गई कई जमीनें अपने साले के नाम पर रजिस्ट्री करा दी थीं, जिन्हें अब औने-पौने दामों में बेचा जा रहा है।

अशरफ का साला भी बेच रहा जमीन

जांच के घेरे में आई संपत्तियों में धूमनगंज स्थित केसरिया मेन रोड पर 18 बिस्वा जमीन भी शामिल है, जिसकी रजिस्ट्री अशरफ के नाम पर बताई जा रही है। आरोप है कि इस बेशकीमती जमीन को पुरामुफ्ती के हटवा इलाके में रहने वाला अशरफ का साला जैद मास्टर बेच रहा है। प्रशासन का मानना है कि इन तमाम अवैध संपत्तियों को बेचकर जुटाया जा रहा पैसा फरार शाइस्ता परवीन और जैनब की फरारी काटने और उनकी फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब प्रशासन की नजर इन सौदों को रुकवाने और अवैध कब्जों को मुक्त कराने पर है।