नेपाल बाढ़ में भारत बना मददगार, 68.5 टन राहत; ब्रिज का सामान भी पहुंचा
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से उपजे भीषण संकट के बीच भारत ने अपने पड़ोसी धर्म को निभाते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत की ओर से बड़े पैमाने पर सहायता भेजी जा रही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत अब तक 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचा चुका है। इसके लिए भारतीय वायुसेना के विमानों की चार उड़ानें भेजी गई हैं।
अब तक चार उड़ानों में क्या-क्या भेजा गया?
भारत ने नेपाल की तत्काल जरूरतों को समझते हुए चरणबद्ध तरीके से मदद पहुंचाई है:
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पहली उड़ान: इसमें 10 टन आपातकालीन सामग्री शामिल थी। अस्थायी आश्रय (Tent), कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और जीवनरक्षक दवाइयां भेजी गईं।
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दूसरी उड़ान: भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से 37.5 टन की भारी राहत सामग्री काठमांडू पहुंची। इसमें बड़ी मात्रा में टेंट, डी-वॉटरिंग पंप, किचन सेट, पोर्टेबल जनरेटर और खाने के पैकेट शामिल थे।
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तीसरी उड़ान (विशेषज्ञ टीम): इस उड़ान में राहत सामग्री के साथ भारतीय सेना की ‘सुरंग बचाव विशेषज्ञ टीम’ (Tunnel Rescue Experts) और मेडिकल टीम भेजी गई। जलविद्युत परियोजनाओं और सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने में यह टीम अहम भूमिका निभा रही है।
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चौथी उड़ान: वायुसेना के C-130 विमान से 11 टन अतिरिक्त सहायता भेजी गई। इसमें तकनीकी दल, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डीएनए जांच उपकरण शामिल हैं। यह टीम मृतकों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी।
सड़क संपर्क जोड़ने के लिए भेजे 16 ट्रक
बाढ़ में कई पुलों के बह जाने से नेपाल के कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। सिर्फ हवाई मदद तक सीमित न रहकर भारत ने जमीनी संपर्क बहाल करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़ा भारी-भरकम सामान 16 ट्रकों के जरिए नेपाल पहुंचाया गया है। इसके अलावा, सात और बेली ब्रिज (Bailey Bridge) लगाने के लिए उपकरण और तकनीकी टीमें जल्द भेजी जाएंगी।
पानी साफ करने की गोलियों से लेकर जनरेटर तक
भारत द्वारा भेजी गई कुल 68.5 टन सामग्री में हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा गया है। इसमें स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट, पानी साफ करने वाली गोलियां (Water Purification Tablets) और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक नेपाल में हालात सामान्य नहीं हो जाते और राहत-बचाव कार्य पूरा नहीं होता, तब तक हरसंभव सहायता जारी रखी जाएगी। वायुसेना और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ इस अभियान में जुटी हुई हैं।
