नेपाल में सैलाब से बचने के लिए पहाड़ पर भागा शख्स, बोला- लगा जिंदगी का आखिरी पल आ गया
नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने लोगों के सामने ऐसा खौफनाक मंजर खड़ा कर दिया, जिसे याद कर पीड़ित आज भी सहम जा रहे हैं। सैलाब से जान बचाकर निकलने वाले दीपक तमांग ने बताया कि अचानक पानी, कीचड़ और पत्थरों का तेज बहाव उनकी ओर बढ़ने लगा। उस समय उन्हें लगा कि अब उनकी जिंदगी का आखिरी पल आ गया है।
दीपक तमांग के अनुसार, शुरुआत में उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे धरती हिल रही हो। कुछ ही देर बाद उन्होंने देखा कि भोटेकोशी नदी की ओर से पानी, कीचड़ और मलबे का विशाल सैलाब तिमुरे मार्केट की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। नदी किनारे बने मकान भी इसकी चपेट में आने लगे थे।
पीछे मौत जैसा सैलाब, सामने खड़ी पहाड़ी
जान बचाने के लिए दीपक के सामने ऊपर पहाड़ी की ओर भागने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। उन्होंने बताया कि जब वह घर से बाहर निकले और पहाड़ी की तरफ दौड़े, तब तक कई मकान ढह चुके थे। उनके पीछे तेज रफ्तार से बाढ़ का पानी बढ़ रहा था, जबकि सामने दीवार की तरह खड़ी पहाड़ी थी।
दीपक ने जान बचाने के लिए ढलान चढ़ने की कोशिश शुरू की। इस दौरान वह कई बार नीचे गिरे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कांटेदार झाड़ियों और पौधों को पकड़कर वह लगातार ऊपर की ओर बढ़ते रहे।
हर बार गिरने पर लगा अब नहीं बचूंगा
दीपक तमांग ने उस भयावह अनुभव को याद करते हुए कहा कि यह उनके लिए जिंदगी और मौत के बीच दौड़ जैसा था। जब भी वह पहाड़ी पर चढ़ते हुए गिरते, उन्हें लगता कि शायद यही उनकी जिंदगी का आखिरी क्षण है। नीचे तेज बहाव लगातार बढ़ रहा था और आसपास लोग अपनी जान बचाने के लिए अलग-अलग दिशाओं में भाग रहे थे।
पहाड़ी की चोटी से देखा दोस्तों को बहते हुए
किसी तरह पहाड़ी की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद दीपक ने नीचे देखा तो दृश्य और भी दर्दनाक था। उन्होंने अपनी आंखों के सामने कई लोगों को तेज बहाव में बहते देखा। इनमें उनके कुछ दोस्त भी शामिल थे।
दीपक ने बताया कि दोस्तों को पानी की लहरों में बहते देखकर भी वह उनकी मदद नहीं कर सके। उनके सामने लोग पानी, कीचड़ और मलबे के तेज बहाव में बह रहे थे और वह पूरी तरह बेबस थे।
नेपाल में राहत-बचाव अभियान जारी
नेपाल में इस विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। आपदा के कारण कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है और सुरक्षाकर्मी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं। इस त्रासदी से बचे लोगों की आपबीती अब उस भयावह सैलाब की ताकत और लोगों के सामने आए जीवन-मृत्यु के संघर्ष को बयां कर रही है।
