September 16, 2026

ममता और TMC आयोजकों पर FIR दर्ज, कोर्ट की शर्तों के उल्लंघन का आरोप

mamta didi

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नया कानूनी और सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के छात्र संगठन के कार्यक्रम के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई 28 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों के कथित उल्लंघन को लेकर की गई है। पुलिस ने हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है।

हाईकोर्ट ने क्या शर्तें रखी थीं?

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC के फाउंडेशन डे से जुड़े इस कार्यक्रम के लिए 28 अगस्त को कैथेड्रल रोड (Cathedral Road) पर आयोजन की अनुमति दी थी। हालांकि, अदालत ने सख्त निर्देश दिया था कि सड़क का एक हिस्सा (फ्लैंक) वाहनों की आवाजाही के लिए खुला रखा जाना चाहिए, ताकि आम ट्रैफिक पूरी तरह बाधित न हो। इसके साथ ही कार्यक्रम के लिए एक तय समय सीमा भी निर्धारित की गई थी।

बैरिकेड्स हटाए, पुलिस से धक्का-मुक्की और ट्रैफिक जाम

पुलिस की ओर से दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल पर हाईकोर्ट की शर्तों का साफ तौर पर उल्लंघन हुआ। आरोप है कि:

  • बड़ी संख्या में जुटे TMC समर्थकों और छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने भीड़ बढ़ने पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स हटा दिए।

  • मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई।

  • अदालत के निर्देश के बावजूद सड़क का हिस्सा ब्लॉक कर दिया गया, जिससे कैथेड्रल रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया।

  • कार्यक्रम हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी जारी रहा।

BNS की कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज

इस मामले में कोलकाता पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत कार्रवाई की है। हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में BNS की धारा 61(2), 223, 125(a), 132 और 285 लगाई गई है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह केस अदालत के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर दर्ज किया गया है। पुलिस अब कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग, मौके पर मौजूद अधिकारियों की ग्राउंड रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह जांच करेगी कि अदालत की शर्तों का किस स्तर पर उल्लंघन हुआ।

जांच एजेंसियों का कहना है कि FIR दर्ज होने के बाद अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा कार्यक्रम के आयोजकों और उन सभी लोगों की भूमिका तय की जाएगी, जिन पर हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का आरोप है।