September 15, 2026

चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप: रामघाट डूबा, UP-MP संपर्क टूटा

chitrakoot

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मां मंदाकिनी नदी ने इस सदी का अपना सबसे रौद्र रूप दिखा दिया है। पिछले सात घंटे से लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने नदी को उसके सर्वोच्च शिखर बिंदु तक पहुंचा दिया है। हालांकि, पिछले कुछ समय से जलस्तर स्थिर है, लेकिन रामघाट और निर्मोही अखाड़ा समेत शहर के कई निचले इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि शहर के मुख्य रास्तों पर नाव चलानी पड़ रही है और लोगों के घरों व दुकानों में भारी जलभराव हो गया है।

UP-MP को जोड़ने वाला पुल डूबा

इस भीषण बाढ़ के कारण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग कट गया है। राजोला बाईपास के पास हनुमान धारा जाने वाले मार्ग पर बना पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे सतना जाने वाला रास्ता बाधित हो गया है। रामघाट के पास रहने वाले स्थानीय निवासी सौरभ शुक्ला का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी बाढ़ कभी नहीं देखी। उनके घर की पूरी एक मंजिल पानी में डूब चुकी है और लोग अपना कीमती सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

हाई अलर्ट पर पुलिस, ड्रोन से निगरानी

चित्रकूट पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

  • ड्रोन से मॉनिटरिंग: बाढ़ प्रभावित इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और घाटों की ड्रोन कैमरे से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि दुर्गम स्थानों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।

  • गश्त और बैरिकेडिंग: सभी संबंधित थाना प्रभारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।

  • एसपी का निर्देश: चित्रकूट के एसपी अरुण कुमार सिंह खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे नदी और गहरे पानी के करीब न जाएं। लोगों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में लोग तुरंत डायल-112 पर सूचना दें। फिलहाल जलस्तर थमने से थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन इलाके में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।