IGKV पेपर लीक: अब जेनेटिक्स का पेपर लीक होने की आशंका, उठे सवाल
रायपुर: छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की परीक्षा प्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में उजागर हुए कीटशास्त्र (Entomology) पेपर लीक मामले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब एक और विवाद सामने आ गया है। जानकारी के मुताबिक, बीएससी (BSc) प्रथम वर्ष के ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ विषय के प्रश्नपत्र के भी लीक होने की आशंका जताई जा रही है।
दावा किया जा रहा है कि 19 अगस्त को होने वाली इस परीक्षा का प्रश्नपत्र एग्जाम शुरू होने से करीब 6 घंटे पहले ही व्हाट्सएप (WhatsApp) पर वायरल हो गया था। इस नए खुलासे ने छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
सुबह 10 बजे परीक्षा, 4 बजे आ गया था पेपर
मिली जानकारी के अनुसार, बीएससी फर्स्ट ईयर के फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स विषय की परीक्षा 19 अगस्त को सुबह 10 बजे निर्धारित थी। दावा है कि परीक्षा के दिन ही तड़के करीब 4 बजे यह कथित प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर शेयर किया जाने लगा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस प्रश्नपत्र और परीक्षा में आए असली प्रश्नों के बीच काफी समानता होने की चर्चा है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन बेखबर, नहीं मिली शिकायत
पेपर लीक की इस भारी आशंका के बावजूद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन तक अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। शिकायत न मिलने के कारण विश्वविद्यालय की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री को लेकर छात्रों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है।
कीटशास्त्र पेपर लीक से उड़ी थी नींद, प्रोफेसर निकला था मास्टरमाइंड
जेनेटिक्स पेपर को लेकर यह सवाल ऐसे समय में उठे हैं, जब IGKV में हाल ही में कीटशास्त्र (एंटोमोलॉजी) पेपर लीक का बड़ा मामला सामने आया था। उस मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई थी।
रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में करीब 36 घंटे तक चली तकनीकी और मैदानी जांच के बाद पुलिस ने एक पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
सीलबंद लिफाफे में सुई से किया था छेद
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कीटशास्त्र पेपर लीक का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया था, जो दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में 2019 से प्रोफेसर के पद पर कार्यरत था।
जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्रों के सीलबंद पैकेट कॉलेज आने के बाद उसने कथित तौर पर एक पैकेट अपने पास रख लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से सीलबंद लिफाफे में एक बेहद छोटा छेद किया और फिर मोबाइल कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसी आधार पर प्रश्नों की जानकारी तैयार की गई और उसे कुछ छात्रों तक पहुंचाया गया। इस घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी।
