वारिस पठान का दिल्ली पुलिस पर हमला: स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और मुस्लिम पत्रकारों पर बर्बरता का उठाया मुद्दा
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के विवादित बयानों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा उठाई गई मांग के बीच दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वारिस पठान ने कहा कि जब स्वतंत्र भारद्वाज खुद खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जाकर एक लड़की के पिता का सिर फोड़ा है, तो अब तक उनके खिलाफ सख्त FIR और गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई?
‘खुलेआम धमकी दे रहा है गुंडा, पुलिस खामोश’ वारिस पठान ने वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी खुलेआम सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है और धमकी दे रहा है कि ‘सीजन-2’ में और बुरा हाल किया जाएगा तथा वह कट्टा भी चला सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे बेखौफ घूम रहे शख्स को दिल्ली पुलिस तुरंत उठाकर जेल क्यों नहीं लाती? उन्होंने यह भी मांग की कि आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मुस्लिम महिला पत्रकारों के साथ मारपीट का मुद्दा पठान ने हाल ही में दिल्ली में दो मुस्लिम महिला पत्रकारों के साथ कथित पुलिसिया बर्बरता का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन पत्रकारों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल पूछा और अपनी पहचान बताई, तो पुलिस ने सिर्फ उनके मुस्लिम होने के कारण उनके साथ अत्यधिक हिंसा और बदसलूकी की।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “क्या देश के अंदर अब मुसलमान होना जुर्म हो गया है? क्या मुस्लिम पत्रकारिता नहीं कर सकते?” उन्होंने मांग की कि जिन पुलिसकर्मियों ने महिला पत्रकारों के साथ बर्बरता की है, उनके खिलाफ भी तुरंत कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, तभी देश में कानून का राज और इंसाफ स्थापित होगा।
