मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठे सवालों की जांच के लिए गोंदलामाऊ में 2 अक्टूबर से उपवास सत्याग्रह
सीतापुर: देश की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर जनपद सीतापुर में एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में संपन्न हुए चुनावों और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आगामी 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 को ‘उपवास सत्याग्रह’ का आयोजन किया जा रहा है। यह सत्याग्रह सीतापुर के सिधौली-मिश्रिख रोड पर ब्लॉक गोंदलामाऊ के ग्राम पंचायत गोपालपुर पूर्वी स्थित गनेशपुर (मयूर ढाबा के निकट) में होगा।
क्या है आंदोलन की मुख्य मांग?
इस तीन दिवसीय उपवास सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे दस्तावेजी और तथ्यात्मक सवालों का पारदर्शी परीक्षण कराना है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान संपन्न हुए चुनावों और मतदाता सूची से संबंधित जिन भी मामलों में ठोस और दस्तावेजी प्रश्न उठे हैं, उनका किसी सक्षम संवैधानिक, वैधानिक या न्यायिक मंच पर कानून के अनुसार निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि यदि इन मामलों की जांच में किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वरिष्ठ समाजसेवी और किसान नेता करेंगे नेतृत्व
इस सत्याग्रह का नेतृत्व लोक आंदोलन न्यास की कार्यकारी अध्यक्षा और वरिष्ठ समाजसेवी सुश्री कल्पना ईनामदार और ‘इंडियन पीपल्स फ्रंट’ के अध्यक्ष श्री शेखर दीक्षित संयुक्त रूप से करेंगे। आयोजकों के अनुसार, इस तीन दिवसीय उपवास में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, किसान और स्थानीय ग्रामवासी हिस्सा लेंगे और पूरी तरह से लोकतांत्रिक व संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
किन संगठनों का मिल रहा है समर्थन?
इस आंदोलन को कई बड़े संगठनों का समर्थन प्राप्त है। उपवास सत्याग्रह के मुख्य आयोजक और सहभागी संगठनों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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इंडियन पीपल्स फ्रंट (Indian Peoples Front)
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राष्ट्रीय किसान मंच (Rashtriya Kisan Manch)
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महिला अधिकार शक्ति अभियान
‘यह कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मांग है’
आंदोलन से जुड़े नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह सत्याग्रह किसी व्यक्ति विशेष या संस्था के खिलाफ कोई व्यक्तिगत आरोप अभियान नहीं है। उनका उद्देश्य केवल दस्तावेजी आधार पर उठे सवालों का सक्षम मंच पर विधिसम्मत परीक्षण कराना है।
आयोजकों ने अपने बयान में कहा, “लोकतंत्र में प्रश्न उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और उन प्रश्नों का निष्पक्ष एवं विधिसम्मत परीक्षण कराना हमारी संस्थागत व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह प्रयास लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का एक माध्यम है।”
आयोजकों ने आम जनता से अपील की है कि वे 2 से 4 अक्टूबर 2026 के बीच गनेशपुर में आयोजित होने वाले इस उपवास सत्याग्रह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना योगदान दें।
