जानें कौन हैं फातिमा जहरा अल मंसूरी, जो बनीं मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री
फातिमा जहरा अल मंसूरी (Fatima Zahra Mansouri)—यह नाम इन दिनों वैश्विक राजनीति में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है। मोरक्को के किंग मोहम्मद VI द्वारा देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद, पूरी दुनिया में उनकी राजनीतिक यात्रा और नेतृत्व शैली की चर्चा हो रही है। फातिमा ने अपनी मध्यमार्गी ‘ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी’ (PAM) को हालिया संसदीय चुनावों में शानदार जीत दिलाई और सत्ता के सर्वोच्च पद पर काबिज हुईं। ट्यूनीशिया की नजला बौडेन के बाद, वह पूरे अरब जगत में किसी सरकार का नेतृत्व करने वाली दूसरी महिला बन गई हैं।
संवैधानिक राजशाही वाले मोरक्को में, जहां सत्ता के अंतिम अधिकार राजा के पास होते हैं, फातिमा जहरा मंसूरी ने अपनी व्यावहारिक नीतियों, जन-समर्थन और कूटनीतिक कौशल के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
कौन हैं फातिमा जहरा अल मंसूरी?
फातिमा जहरा का जन्म मोरक्को के ऐतिहासिक शहर माराकेश के एक प्रभावशाली परिवार में हुआ था। उनके पिता, अब्दुल रहमान मंसूरी, लंबे समय तक माराकेश के डिप्टी गवर्नर (पाशा) रहे। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण उन्होंने बचपन से ही लोक प्रशासन की बारीकियों को समझा।
फ्रांस से कानून की पढ़ाई और वकालत
उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा फ्रांस से पूरी की। मोंटपेलियर विश्वविद्यालय से कानून (Law) की डिग्री लेने के बाद उन्होंने पेरिस विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून में विशेषज्ञता हासिल की। राजनीति में आने से पहले वह माराकेश में एक सफल कमर्शियल और रियल एस्टेट वकील के रूप में काम कर चुकी हैं। इस पेशे ने उनके अंदर कठिन परिस्थितियों का विश्लेषण करने और सटीक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की।
33 साल की उम्र में बनीं माराकेश की मेयर
फातिमा मंसूरी के राजनीतिक सफर का टर्निंग पॉइंट साल 2009 में आया। मात्र 33 वर्ष की उम्र में वह माराकेश की मेयर चुनी गईं। इसके साथ ही वह इस ऐतिहासिक शहर की पहली महिला मेयर बन गईं। पुरुष-वर्चस्व वाली राजनीति में उन्होंने अपने काम से सबको चौंका दिया। उन्होंने शहरी आधुनिकीकरण, सार्वजनिक परिवहन और सामाजिक ढांचे को प्राथमिकता दी। जनता के भरोसे के कारण साल 2021 में उन्हें एक बार फिर भारी बहुमत के साथ माराकेश का मेयर चुना गया।
राष्ट्रीय राजनीति और मंत्री पद की जिम्मेदारी
स्थानीय स्तर पर सफलता के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत किया। वह PAM पार्टी की सह-संस्थापक होने के साथ-साथ नेशनल काउंसिल की अध्यक्ष भी हैं। अक्टूबर 2021 में, किंग मोहम्मद VI ने उन्हें राष्ट्रीय आवास और शहरी नीति मंत्री बनाया। सितंबर 2023 में माराकेश-साफी में आए भीषण भूकंप के बाद उनके द्वारा किए गए कुशल आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की काफी सराहना हुई।
‘आयरन’ नहीं, सर्वसम्मति वाली नेता
अरब जगत में फातिमा की सफलता को एक नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिमी देशों की “आयरन लेडीज़” (कठोर रुख वाली नेता) के विपरीत, फातिमा को आम सहमति और संवाद पर जोर देने वाली नेता माना जाता है। वह कड़े फैसले लेते समय भी कूटनीतिक सौहार्द और इमोशनल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करती हैं, जिसके कारण विरोधी दल भी उनका सम्मान करते हैं।
वह एक ऐसी प्रगतिशील नेता के रूप में उभरी हैं, जो इस्लामी विरासत का सम्मान करते हुए आधुनिक सुधारों, महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय की वकालत मजबूती से करती हैं।
