UP Chunav 2027: बरेली की 9 विधानसभा सीटों का सियासी समीकरण, 2022 में BJP ने जीती थीं 7 सीटें

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर रोहिलखंड के प्रमुख राजनीतिक केंद्र बरेली जिले में दलगत तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले की नौ विधानसभा सीटों—बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर (सुरक्षित), बिथरी चैनपुर, बरेली, बरेली कैंट और आंवला—का चुनावी गणित पूरे इलाके के सियासी रुख को तय करता है।

2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहां की सात सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) के खाते में दो सीटें गई थीं। आगामी चुनाव में जहां भाजपा अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है, वहीं सपा अपने संगठनात्मक ढांचे और ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण के सहारे सीटों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है।

फरीदपुर और बहेड़ी: 3 हजार से कम के अंतर वाली सीटें

2022 के चुनावी नतीजों के आंकड़े बताते हैं कि जिले की कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा था और जीत-हार का फासला बेहद कम रहा।

  • फरीदपुर (SC): जिले की इस सुरक्षित सीट पर सबसे कांटे की टक्कर दर्ज की गई थी। भाजपा के श्याम बिहारी लाल ने सपा के विजय पाल सिंह को महज 2,921 वोटों से मात दी थी। इतने कम अंतर वाली सीट पर 2027 में स्थानीय मुद्दों और बूथ स्तर की लामबंदी का सीधा असर देखने को मिल सकता है।

  • बहेड़ी: यह उन दो सीटों में शामिल है जहां सपा ने जीत दर्ज की थी। सपा के अताउर रहमान ने भाजपा प्रत्याशी को 3,355 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। इस सीट पर सपा के सामने अपना कब्जा बरकरार रखने की चुनौती होगी, तो वहीं भाजपा इसे वापस छीनने की कोशिश में है।

सपा का दूसरा गढ़ भोजीपुरा, नवाबगंज में 9 हजार वोटों का फासला

भोजीपुरा सीट पर 2022 में सपा के शहजिल इस्लाम अंसारी ने भाजपा के बहोरन लाल मौर्य को 9,409 वोटों से शिकस्त देकर पार्टी का परचम लहराया था। यह सीट जिले में दोनों दलों के सीधे शक्ति परीक्षण का केंद्र मानी जाती है।

वहीं, नवाबगंज सीट पर भाजपा के डॉ. एम.पी. आर्य गंगवार ने सपा के भगवत सरन गंगवार को 9,237 वोटों से हराया था। इस सीट पर भाजपा को करीब 48.20 फीसदी और सपा को करीब 44.20 फीसदी वोट मिले थे। दोनों प्रमुख दलों के वोट प्रतिशत में बहुत बड़ा अंतर न होने के चलते 2027 में यहां उम्मीदवारों का चयन निर्णायक साबित हो सकता है।

शहर और कैंट में भाजपा का मजबूत आधार

शहरी राजनीति के लिहाज से बरेली शहर और बरेली कैंट भाजपा के मजबूत गढ़ साबित हुए हैं।

  • बरेली शहर: 2022 में डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने सपा के राजेश कुमार अग्रवाल को 32,320 वोटों के भारी अंतर से हराया था और 53.77 फीसदी वोट हासिल किए थे।

  • बरेली कैंट: भाजपा के संजीव अग्रवाल ने सपा की सुप्रिया ऐरन को 10,768 वोटों से शिकस्त दी थी। यहां भाजपा को 50.4 फीसदी और सपा को 44.9 फीसदी मत मिले थे।

मीरगंज, बिथरी चैनपुर और आंवला का गणित

जिले की अन्य तीन सीटों पर भाजपा ने 2022 में अपनी बढ़त मजबूत रखी थी:

  • मीरगंज: भाजपा के डी.सी. वर्मा ने सपा के सुल्तान बेग को 32,840 वोटों के बड़े अंतर से मात दी।

  • बिथरी चैनपुर: भाजपा के राघवेंद्र शर्मा ने सपा के अगम मौर्य को 15,841 वोटों से हराया।

  • आंवला: भाजपा के धर्मपाल सिंह ने 18,424 वोटों की बढ़त के साथ जीत दर्ज की थी।

2024 के लोकसभा नतीजों का संदर्भ और चुनावी मुद्दे

2024 के लोकसभा चुनाव में बरेली संसदीय क्षेत्र से भाजपा के छत्रपाल सिंह गंगवार ने सपा के प्रवीण सिंह ऐरन को 34,804 वोटों से हराया था। लोकसभा चुनाव के दौरान बरेली विधानसभा क्षेत्र में दोनों दलों के बीच अंतर घटकर 18,229 वोट रह गया था (भाजपा को 1,24,129 और सपा को 1,05,900 वोट मिले थे)।

2027 के चुनाव में जिले की सभी नौ सीटों पर स्थानीय विकास, रोजगार, सड़क नेटवर्क, व्यापारिक गतिविधियां, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़ी समस्याएं मुख्य चुनावी चर्चा का हिस्सा बनेंगी। समाजवादी पार्टी जहां जीत की संभावना और पीडीए समीकरणों को आधार बनाकर संगठन की समीक्षा कर रही है, वहीं भाजपा का मुख्य जोर अपने मौजूदा सांगठनिक नेटवर्क को सहेजते हुए करीबी अंतर वाली सीटों पर स्थिति मजबूत करने पर टिका है।