मिशन 2027: यूपी की 86 सुरक्षित सीटों पर अखिलेश यादव की पैनी नजर

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साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने अब 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीतियों पर काम तेज कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पार्टी को और मजबूत करने के लिए लखनऊ में मैराथन बैठकें कर रहे हैं। उनका पूरा फोकस विशेष रूप से उन सीटों पर है, जहां पार्टी को पिछले चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। अखिलेश यादव ने दावा किया है कि 2027 में सपा गठबंधन प्रचंड जीत हासिल करेगा।

86 सुरक्षित सीटों का पूरा गणित

उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 86 सीटें सुरक्षित (Reserved) हैं। इनमें से 84 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। इन्हीं सीटों पर सपा अपनी पैठ बढ़ाने की कवायद में जुटी है।

2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे:

  • 2022 के चुनावों में इन 86 आरक्षित सीटों में से सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 65 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें से 3 सीटें अपना दल (सोनेलाल) के खाते में गई थीं, जबकि ST वर्ग की दोनों सीटें सीधे बीजेपी ने जीती थीं।

  • दूसरी तरफ, सपा गठबंधन को केवल 20 सीटें मिल सकी थीं। इनमें से समाजवादी पार्टी ने अकेले 16 SC सीटें जीती थीं, जबकि शेष 4 सीटें उसकी तत्कालीन सहयोगी रालोद (RLD) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने जीती थीं।

  • 1 सीट (बाबागंज) जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के विनोद सरोज के खाते में गई थी।

बदले हुए राजनीतिक समीकरण: 2027 की लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प होगी क्योंकि 2022 में सपा के साथ मिलकर सुरक्षित सीटों पर जीत दर्ज करने वाली जयंत चौधरी की आरएलडी और ओमप्रकाश राजभर की पार्टी (SBSP) अब भाजपा (एनडीए) के पाले में हैं।

2017 से तुलना: 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने 70 सुरक्षित सीटें जीती थीं, जबकि सपा गठबंधन महज 7 सीटों पर सिमट गया था। हालांकि 2022 में सपा ने अपनी स्थिति में कुछ सुधार किया, लेकिन यह सत्ता तक पहुंचने के लिए नाकाफी था।

2024 लोकसभा चुनाव में क्या रहा हाल?

अगर लोकसभा चुनावों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कुल 17 लोकसभा सीटें सुरक्षित हैं। 2024 के आम चुनावों में इन सीटों पर मुकाबला कांटे का रहा:

  • बीजेपी (8 सीटें): बुलंदशहर, हाथरस, आगरा, शाहजहांपुर, हरदोई, मिश्रिख, बांसगांव और बहराइच।

  • सपा (7 सीटें): राबर्ट्सगंज, मछलीशहर, लालगंज, कौशांबी, जालौन, मोहनलालगंज और इटावा।

  • कांग्रेस (1 सीट): बाराबंकी।

  • आजाद समाज पार्टी (1 सीट): चंद्रशेखर आजाद ने नगीना सीट से जीत दर्ज की।

लोकसभा में सपा के इस सुधरे हुए प्रदर्शन ने अखिलेश यादव का हौसला बढ़ाया है। इसी आधार पर पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों में सुरक्षित सीटों पर अपनी रणनीति को और धार देने में जुट गई है।