‘2027 में रिकॉर्ड सीटें जीतेगी सपा’: अखिलेश यादव का योगी सरकार पर चौतरफा हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल, आउटसोर्सिंग भर्तियों में कथित कमीशनखोरी, पेपर लीक, आंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा और अधिकारियों के तबादलों तक कई मुद्दों पर उन्होंने सरकार की घेराबंदी की। अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।
AI का इस्तेमाल और चुनावी नैरेटिव की लड़ाई
अखिलेश यादव ने कहा कि AI तकनीक का इस्तेमाल रचनात्मक और अच्छे कार्यों के लिए होना चाहिए, न कि किसी के खिलाफ नकारात्मक दुष्प्रचार फैलाने के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी अपने स्तर पर वीडियो बना रहे हैं, लेकिन यह किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं है।
सपा प्रमुख ने कहा कि वे नकारात्मक वीडियो बनाने के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन आज जिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चुनावी लड़ाई लड़ी जा रही है, वहां विरोधियों को जवाब देने के लिए ऐसा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता बिना किसी खर्च के जनता तक अपनी बात पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
PDA ऑडिट रिपोर्ट: 151 आंबेडकर प्रतिमाओं और भर्तियों का मुद्दा
अखिलेश यादव ने अपनी ‘PDA ऑडिट रिपोर्ट’ का हवाला देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पहली पीडीए रिपोर्ट में करीब 11 हजार पदों की कथित लूट और दूसरी रिपोर्ट में 20 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक होने की बात सामने आई थी।
उन्होंने बताया कि आने वाली PDA ऑडिट रिपोर्ट में राज्य भर में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों से जुड़ी घटनाओं का ब्योरा दिया जाएगा। अखिलेश के मुताबिक, पिछले वर्षों में प्रदेश में 151 आंबेडकर प्रतिमाएं खंडित की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई घटनाओं में प्रतिमा का हाथ पहले तोड़ा जाता है, क्योंकि उसमें संविधान की किताब होती है। सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार संविधान के साथ-साथ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी परवाह नहीं कर रही है।
आउटसोर्सिंग भर्ती और नकली दवाओं पर आरोप
सरकारी भर्तियों के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग का रास्ता कमीशनखोरी के लिए अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित सरकारी नौकरी में कर्मचारियों को बजट से सीधा वेतन देना पड़ता है, जहां कमीशन लेना संभव नहीं होता। आउटसोर्सिंग में निजी कंपनियों के जरिए भुगतान कराया जाता है, जिससे अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
इसके साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर चल रहे नकली दवाओं और कोडीन के अवैध कारोबार का मामला उठाते हुए सरकार से कार्रवाई पर सवाल किए।
प्रदेश के बंटवारे की चर्चा और प्रशासनिक फेरबदल
उत्तर प्रदेश के संभावित बंटवारे की चर्चाओं पर अखिलेश ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज बड़े राज्य का हवाला देकर प्रदेश को बांटने की बात कर रहे हैं, वे कल देश को बड़ा बताकर उसके बंटवारे की बात भी कर सकते हैं। उन्होंने इसके लिए अमेरिका और जर्मनी जैसे बड़े देशों का उदाहरण दिया।
प्रशासनिक स्तर पर हो रहे तबादलों पर उन्होंने दावा किया कि यह फेरबदल इसलिए किया जा रहा है ताकि चुनाव के समय पीडीए वर्ग से आने वाले अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से दूर रखा जा सके। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि जिन बीएलओ (BLO) और इंजीनियरों के साथ आयोग की बैठकें हुईं, उनकी आधिकारिक सूची कहां है।
असदुद्दीन ओवैसी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने केवल इतना कहा कि गठबंधन का जो स्वरूप पहले था, वही रहेगा। सपा प्रमुख ने दोहराया कि पार्टी संगठन स्तर पर उन आरक्षित और हारी हुई सीटों पर खास रणनीति बना रही है जहां पिछले चुनाव में जीत नहीं मिल सकी थी।
