September 15, 2026

यूपी चुनाव 2027: ओपी राजभर का बड़ा दांव, NDA से मांगी 33 सीटें; BJP की 9 सीटों पर दावा

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सीट बंटवारे की हलचल अभी से तेज हो गई है। योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी के लिए 33 विधानसभा सीटों की प्राथमिक सूची तैयार की है। आने वाले समय में एनडीए के भीतर होने वाली औपचारिक बैठकों से पहले सुभासपा की इस दावेदारी ने गठबंधन के सियासी समीकरणों को गरमा दिया है।

भाजपा के कब्जे वाली 9 सीटों पर सुभासपा की नजर

सुभासपा द्वारा तैयार की गई 33 सीटों की सूची में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मौजूदा विधायकों वाली नौ सीटें भी शामिल हैं। पार्टी ने इन क्षेत्रों में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है:

  • वाराणसी: अजगरा और शिवपुर

  • कुशीनगर: रामकोला

  • देवरिया: रामपुर कारखाना

  • संतकबीर नगर: घनघटा

  • हरदोई: संडीला

  • बलरामपुर: उतरौला

  • बहराइच: बलहा

  • सीतापुर: महोली

सहयोगी निषाद पार्टी की 2 सीटों पर भी दावा

भाजपा की सीटों के अलावा सुभासपा ने एनडीए के एक अन्य सहयोगी दल निषाद पार्टी के प्रभाव वाली दो सीटों पर भी अपना दावा ठोका है। इनमें मीरजापुर जिले की मझवा और कुशीनगर जिले की खड्डा विधानसभा सीट शामिल हैं। गठबंधन के भीतर सहयोगी दलों की सीटों पर इस तरह की दावेदारी से आने वाले दिनों में सीट बंटवारे की बातचीत दिलचस्प होने के आसार हैं।

सपा की 14 और अपनी 6 मौजूदा सीटें शामिल

सुभासपा की 33 सीटों की इस लिस्ट में पार्टी की मौजूदा 6 विधानसभा सीटें शामिल हैं। इसके साथ ही, समाजवादी पार्टी (SP) के कब्जे वाली 14 सीटों को भी इस प्राथमिक सूची में जगह दी गई है। पार्टी की रणनीति केवल अपने पुराने और पारंपरिक प्रभाव वाले इलाकों तक सीमित रहने की नहीं है, बल्कि नए क्षेत्रों में संगठन के विस्तार और सामाजिक समीकरणों के सहारे अपनी चुनावी जमीन मजबूत करने की है।

जातीय समीकरण और स्थानीय अध्ययन के आधार पर चयन

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन सीटों का चयन केवल राजनीतिक औपचारिकता के तहत नहीं किया गया है। स्थानीय जातीय समीकरण, ओबीसी और विशेषकर राजभर मतदाताओं की आबादी, और पिछले चुनावों के वोटिंग पैटर्न के अध्ययन के बाद यह लिस्ट तैयार की गई है। हालांकि, एनडीए में अंतिम सीट बंटवारा भाजपा शीर्ष नेतृत्व और सहयोगी दलों के बीच आपसी सहमति से ही तय होगा, लेकिन सुभासपा ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर बातचीत का एजेंडा सेट कर दिया है।