उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद तोड़ने पर बवाल, भारी पुलिस बल तैनात

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मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान (Road Widening Project) को लेकर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। प्रशासन द्वारा ‘शाही मस्जिद’ का एक हिस्सा तोड़े जाने की कार्रवाई का मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मस्जिद 100 साल से भी अधिक पुरानी है और लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसे नहीं गिराया जाना चाहिए। इलाके में बवाल की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

सीएम मोहन यादव का घर और प्राचीन हनुमान मंदिर भी हटा

गौरतलब है कि उज्जैन में प्रशासन का सड़क चौड़ीकरण का अभियान जोर-शोर से चल रहा है। इस अभियान के तहत किसी भी तरह के धार्मिक और निजी निर्माण को नहीं बख्शा जा रहा है।

शाही मस्जिद से पहले इस अभियान के तहत एक प्राचीन हनुमान मंदिर को भी हटाया जा चुका है। इतना ही नहीं, राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक आवास का एक हिस्सा भी सड़क चौड़ीकरण की जद में आया था, जिसे तोड़ने की शुरुआत खुद सीएम मोहन यादव ने अपने हाथों से हथौड़ा चलाकर की थी।

एक महीने से चल रहा मस्जिद विवाद, रातभर चला धरने का दौर

शाही मस्जिद का विवाद नया नहीं है। उज्जैन प्रशासन पिछले एक महीने से मस्जिद के आगे का हिस्सा हटाने की कोशिश कर रहा है, जबकि मस्जिद से जुड़े लोग इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ दो दिन पहले भी मस्जिद के बाहर बड़ा धरना प्रदर्शन किया गया था। रविवार देर रात भी बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के बाहर जुट गए और धरना शुरू कर दिया। रातभर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। प्रशासन लगातार लोगों को समझाने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

शहर काज़ी ने दी सहमति, लेकिन विरोध जारी

प्रशासन के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद शहर काज़ी ने जानकारी दी कि उनकी प्रशासन से पूरी तरह से बात हो गई है और एक सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि सभी लोग एकमत होकर मस्जिद का अतिक्रमण वाला हिस्सा हटाने के लिए तैयार हो गए थे।

हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि हर कुछ समय में परिस्थितियां बदल रही हैं और भीड़ की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है और लोगों से बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने का प्रयास कर रहा है।