रूस ने निप्रो रेलवे स्टेशन पर किया जेट-संचालित ड्रोन से भयानक हमला, 13 नागरिकों की मौत, 10 घायल
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले करीब पौने पांच साल से जारी जंग में एक बार फिर बड़ा रक्तपात हुआ है। गुरुवार (29 अक्टूबर) को रूस ने मध्य यूक्रेन के निप्रो (Dnipro) रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया। इस हमले में स्टेशन पर खड़ी दो ट्रेनों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
प्लेटफॉर्म पर खड़ी दो ट्रेनों से टकराया ड्रोन
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, रूस ने इस हमले के लिए जेट-संचालित ड्रोन का इस्तेमाल किया। निप्रॉपेट्रोव्स्क क्षेत्र के गवर्नर ओलेक्सांद्र गांझा ने टेलीग्राम पर 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की। डनिप्रो के मेयर बोरिस फिलाटोव ने इस हमले को एक बड़ी ‘त्रासदी’ बताते हुए कहा कि ड्रोन ने नागरिकों से भरी एक इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया।
सरकारी रेलवे ऑपरेटर ‘यूक्रेनी रेलवे’ ने बताया कि ड्रोन सीधे डनिप्रो स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म से टकराया। उस समय प्लेटफॉर्म पर डनिप्रो से जापोरिजिया जाने वाली ट्रेन नंबर 866 खड़ी थी। रेलवे ऑपरेटर के प्रमुख ओलेक्सांद्र पर्टसोव्स्की ने बताया कि हमले से पहले ही खतरे का अलर्ट जारी कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
जेलेंस्की ने बताया भयानक हमला, जताया शोक
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस रूसी ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने इसे ‘भयानक’ करार देते हुए कहा कि रूसी सेना ने जानबूझकर उस प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया जहां एक कम्यूटर और एक यात्री ट्रेन खड़ी थी। जेलेंस्की ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “दुर्भाग्य से अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 10 लोग घायल हैं। घटनास्थल पर सभी जरूरी आपातकालीन सेवाएं राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।”
G7 और पश्चिमी देशों से कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील
इस भीषण हमले के बाद, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और G7 देशों से रूस के खिलाफ नए और कड़े कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने पश्चिम की प्रतिबंध नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “रूस के कुछ ओलिगार्क्स (रसूखदार लोगों) और उसके ऊर्जा क्षेत्र से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद से रूस ने तनाव कम करने के बजाय हमारे लोगों पर कितने आतंकवादी हमले किए हैं?”
जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि जब तक रूस का युद्ध जारी है, तब तक मॉस्को और उसके युद्ध तंत्र पर लगे प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने सहयोगियों से मॉस्को के खिलाफ उचित और निर्णायक कदम उठाने की अपील की।
