रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों का मिसाइल हमला: 12 की मौत, 300 से ज्यादा घायल

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 सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी सैन्य टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला किया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीषण हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान में चल रही जंग के कारण पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में पहले से ही भारी तनाव बना हुआ है। हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरा संकट पैदा हो गया है।

विदेशी नागरिक भी बने निशाना, कई की हालत गंभीर

अधिकारियों के अनुसार, घायलों में कई लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इस हमले में मारे गए लोगों में सऊदी अरब के चार नागरिकों के अलावा अमेरिका, बांग्लादेश, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के नागरिक भी शामिल हैं।

एक क्षेत्रीय अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि शनिवार को दागी गई यह मिसाइल उस परिसर से टकराई, जहां टर्मिनल 3 और 4 स्थित हैं। इन टर्मिनलों का इस्तेमाल मुख्य रूप से घरेलू उड़ानों के संचालन के लिए किया जाता है। इससे पहले हुए एक अन्य हमले की जिम्मेदारी भी हूती विद्रोहियों ने ली थी, जिसमें एक पायलट सहित तीन सऊदी नागरिकों की जान गई थी।

एयरपोर्ट का संचालन ठप, 291 उड़ानें रद्द

हमले के तुरंत बाद सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने रियाद एयरपोर्ट का परिचालन अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दिया। आधिकारिक सूचना (NOTAM) के मुताबिक, उड़ानों पर यह रोक आधी रात तक लागू रहेगी।

फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस ‘फ्लाइटराडार24’ (Flightradar24) के अनुसार, रियाद आने वाली सभी उड़ानों को सुरक्षित दूरी वाले दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट कर दिया गया है। वहीं, ‘फ्लाइटअवेयर’ (FlightAware) के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले 24 घंटों में रियाद एयरपोर्ट से संबंधित कम से कम 291 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने पहले ही अपनी उड़ानें निलंबित कर दी थीं। विमानन अधिकारियों ने सऊदी हवाई क्षेत्र से गुजरने वाले नागरिक विमानों के लिए चेतावनी जारी की है।

मध्य पूर्व में तनाव और हूतियों का पलटवार

यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन और हूतियों के बीच संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। गठबंधन सेनाएं यमन की सरकारी सेना को हवाई सहायता मुहैया करा रही हैं।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में अमेरिका के शामिल होने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले हमले की परिस्थितियों का बारीकी से आकलन किया जाएगा।

दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हूतियों का दावा है कि सऊदी गठबंधन यमन की राजधानी सना स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बना रहा है, जो फिलहाल हूतियों के नियंत्रण में है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती इस जंग ने पूरे क्षेत्र में एक बड़े संघर्ष का रूप ले लिया है।