‘कानून नहीं मानती CJP, पिछली बार की थी आगजनी और हिंसा’: दिल्ली पुलिस का बड़ा बयान; उमर अब्दुल्ला ने सांसद पर बल प्रयोग को बताया अस्वीकार्य

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मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत को लेकर दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पुलिस ने सीजेपी पर कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने, पहले दिए गए वचनों से मुकरने और पुलिस की गलत छवि पेश करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए निहत्थे प्रदर्शनकारी और सांसद पर बल प्रयोग को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।

‘अनुमति मिलने पर की थी आगजनी और पत्थरबाजी’

दिल्ली पुलिस की डीसीपी (पीआरओ) नेहा यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि सीजेपी का पिछला रिकॉर्ड नियमों के उल्लंघन का रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जब संगठन को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब उन्होंने अंडरटेकिंग का पालन नहीं किया। उस दौरान जुटाई गई भीड़ ने भारी पथराव, आगजनी और हिंसा की, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था।

डीसीपी ने स्पष्ट किया कि 10 अक्टूबर को जनपथ पर प्रस्तावित धरने की अनुमति नियमों का पालन न करने, पिछले हिंसक इतिहास और मौजूदा सुरक्षा स्थिति के आधार पर खारिज कर दी गई थी। शहर में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए कई इलाकों में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू कर किसी भी तरह के जमावड़े पर रोक लगाई गई थी। इसी के तहत अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एहतियातन हिरासत में लिया गया था।

दादी के निधन की सूचना: पुलिस ने जारी किया वीडियो

अभिजीत दीपके की दादी के निधन की सूचना को लेकर उठे विवाद पर दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो फुटेज जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दीपके को उनके गृह नगर जाने के लिए यात्रा और हर जरूरी सहायता की पेशकश की थी।

डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि जैसे ही पुलिस को दीपके की दादी के निधन की खबर मिली, अधिकारियों ने संवेदनशीलता के साथ उनसे संपर्क किया। पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें फ्लाइट, फोन कॉल या किसी अन्य मदद की जरूरत है। पुलिस ने बार-बार पूछा कि क्या वे अपने माता-पिता से बात करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। पुलिस का आरोप है कि सीजेपी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे घटनाक्रम को तोड़-मरोड़ कर पेश किया।

उमर अब्दुल्ला ने की कथित बर्बरता की निंदा

इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि निहत्थे प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने रेखांकित किया कि इस मामले में पीड़ित एक निर्वाचित सांसद भी हैं, और किसी भी परिस्थिति में इस तरह के बल प्रयोग को सही नहीं ठहराया जा सकता। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के अपने सभी सहयोगियों के साथ पुलिस की इस कथित बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।