September 18, 2026

राजस्थान निकाय चुनाव: 8 सीटों के नतीजों में कांग्रेस का दबदबा, 6 पर दर्ज की जीत

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राजस्थान के जयपुर, कोटा और जोधपुर नगर निगम क्षेत्र की 9 में से 8 सीटों पर हुए पुनर्मतदान के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इन सीटों पर 16 सितंबर को दोबारा वोटिंग कराई गई थी। अब तक सामने आए 8 सीटों के परिणामों में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को केवल 2 सीटों से संतोष करना पड़ा है। जोधपुर की एक सीट पर अभी औपचारिक घोषणा बाकी है।

जयपुर नगर निगम: कांग्रेस का एकतरफा क्लीन स्वीप

जयपुर नगर निगम के 4 वार्डों (वार्ड संख्या 09, 18, 25 और 34) के 5 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया था। इन चारों ही वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है:

वार्ड संख्या विजयी प्रत्याशी पार्टी जीत का अंतर (वोट)
वार्ड 09 कैलाशी कांग्रेस 764
वार्ड 18 वंदिता शर्मा कांग्रेस 181
वार्ड 25 रेखा देवी कांग्रेस 397
वार्ड 34 सुरेश यादव कांग्रेस 149

हालांकि जयपुर नगर निगम में बीजेपी पहले ही सीटों के आधार पर स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुकी है, लेकिन कुल मिले मतों के मामले में वह कांग्रेस से पिछड़ गई है। आज आए नतीजों के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोटों का अंतर और बढ़ गया है। जयपुर नगर निगम में कांग्रेस अब बीजेपी से करीब 15 हजार वोटों की बढ़त बनाए हुए है।

कोटा में मुकाबला बराबर: 2 पर कांग्रेस, 2 पर बीजेपी

कोटा नगर निगम के तीन वार्डों और कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका की एक सीट पर हुए मतदान के नतीजे भी सामने आ चुके हैं। यहां दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला बराबरी पर रहा:

  • वार्ड 44 (कोटा निगम): बीजेपी के प्रेम सिंह ने 71 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

  • वार्ड 87 (कोटा निगम): बीजेपी प्रत्याशी पुष्पा चौधरी 305 वोटों से विजयी रहीं।

  • वार्ड 11 (कोटा निगम): कांग्रेस की कमलेश कुमारी ने 537 वोटों से जीत हासिल की।

  • वार्ड 04 (सुकेत नगर पालिका): कांग्रेस के मोहम्मद रफीक 117 वोटों से पार्षद चुने गए।

जोधपुर सीट पर बीजेपी आगे

जोधपुर नगर निगम की एक सीट पर भी पुनर्मतदान हुआ था, जहां शुरुआती रुझानों में बीजेपी प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। इस सीट पर राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से अभी औपचारिक परिणाम की घोषणा होना बाकी है।

घोषित 8 सीटों में से 6 पर जीत दर्ज कर कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर जनता के बीच उसकी पकड़ बेहद मजबूत है, जबकि बीजेपी के लिए जयपुर में चारों वार्ड गंवाना एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।