प्रशांत भूषण पर FIR: रूसी विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का मामला, किरेन रिजिजू ने साधा निशाना

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दिल्ली पुलिस ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कथित तौर पर छेड़छाड़ (Deepfake/Modified) किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस वीडियो में भारत विरोधी टिप्पणियां होने का दावा किया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

साइबर निगरानी के बाद पुलिस की कार्रवाई

अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस ने साइबर निगरानी के दौरान 3 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर @thequotesnew हैंडल से की गई एक पोस्ट देखी थी। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि रूस के विदेश मंत्री का एक फर्जी वीडियो प्रशांत भूषण के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से साझा किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि इस वीडियो में भ्रामक और भड़काऊ बातें थीं, जिससे समाज में अफवाहें फैलने, किसी की छवि धूमिल होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4) (जालसाजी), 353(1)(सी) (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान), 356 (मानहानि) और 340(2) (फर्जी दस्तावेज को असली बताकर इस्तेमाल करना) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66C (पहचान की चोरी) के तहत FIR दर्ज की गई है।

किरेन रिजिजू का तीखा हमला

इस एफआईआर के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रशांत भूषण पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इससे पहले भी, प्रशांत भूषण ने एक फर्जी खबर फैलाई थी कि जज और मंत्री बैडमिंटन खेलने लंदन गए थे! और उन्होंने इसके लिए माफी तक नहीं मांगी। यह भारत की छवि और भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने की साजिश का हिस्सा है।”

क्या था उस वीडियो में?

वायरल हुए इस वीडियो में सर्गेई लावरोव को कथित तौर पर भारत के आंतरिक मामलों और तेल खरीद (Oil Purchases) को लेकर देश की आलोचना करते हुए दिखाया गया था। हालांकि, विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा पहले ही इस वीडियो का फैक्ट-चेक किया जा चुका था, जिसमें इसे भ्रामक और फर्जी करार दिया गया था।