पोप लियो XIV को फेफड़ों का कैंसर, रोम में हुई सफल सर्जरी, PM मोदी ने जताई खुशी
कैथोलिक चर्च के प्रमुख 71 वर्षीय पोप लियो XIV (Pope Leo XIV) को फेफड़ों का कैंसर होने की पुष्टि हुई है। मंगलवार को रोम के जेमेली अस्पताल में उनकी एक सफल सर्जरी की गई, जिसके दौरान डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से को निकाल दिया है।
वेटिकन द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, ऊतकों (Tissue) की जांच में पोप को ‘लंग एडेनोकार्सिनोमा’ (Lung Adenocarcinoma) होने की पुष्टि हुई है, जो फेफड़ों के कैंसर का एक आम प्रकार है।
90 मिनट चली सर्जरी, होश में आए पोप
सर्जरी अस्पताल के प्रमुख थोरैसिक सर्जन डॉ. स्टेफानो मार्गारितोरा के नेतृत्व वाली टीम ने की। वेटिकन के मुताबिक, पोप करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन थिएटर में रहे, जिसमें से वास्तविक सर्जरी लगभग 90 मिनट तक चली।
ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और इसमें कोई जटिलता (Complication) सामने नहीं आई। सर्जरी के बाद पोप होश में आ गए हैं और कुछ समय तक विशेष निगरानी में रखने के बाद उन्हें वापस उनके अस्पताल के कमरे में भेज दिया गया है।
PM मोदी ने जताई खुशी
पोप लियो XIV की सर्जरी सफल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह जानकर खुशी हुई कि परम पावन पोप लियो XIV की बीती रात हुई सर्जरी सफल रही। मैं उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने के साथ-साथ अच्छे स्वास्थ्य की निरंतर कामना करता हूं।”
कैंसर किस स्टेज पर? आगे क्या होगा इलाज?
हालांकि सर्जरी सफल रही है, लेकिन कैंसर किस चरण (Stage) में है, इसकी अंतिम जानकारी अभी नहीं दी गई है। वेटिकन ने फिलहाल आगे के इलाज की कोई निश्चित योजना साझा नहीं की है और न ही डॉक्टर अभी कीमोथेरेपी शुरू करने की बात कर रहे हैं।
कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैला है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए लिम्फ नोड्स (Lymph Nodes) की जांच की जा रही है। इन्हीं जांचों के नतीजों के आधार पर यह तय होगा कि कैंसर फेफड़े के एक हिस्से तक ही सीमित था या फैल चुका है, और आगे का मेडिकल प्रोटोकॉल क्या होगा।
17 महीने के कार्यकाल की पहली बड़ी स्वास्थ्य समस्या
अपने 17 महीने के कार्यकाल में यह पहली बार है जब पोप ने सार्वजनिक रूप से किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का जिक्र किया है। रविवार को एक प्रार्थना के दौरान उन्होंने खुद बताया था कि हाल ही में हुई मेडिकल जांच में उनके फेफड़े में एक सीमित क्षेत्र में गांठ (Nodule) मिली है। डॉक्टरों ने इसे शुरुआती चरण में ही पकड़ लिया था और इसे तुरंत निकालने की सलाह दी थी।
मंगलवार को जब पोप जेमेली अस्पताल के मुख्य द्वार से अंदर जा रहे थे, तब उन्होंने बाहर इंतजार कर रहे लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया। फिलहाल, वेटिकन ने 20 अक्टूबर तक के उनके सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। अस्पताल में उनके रहने की अवधि पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
