सपा नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, ED ने जौहर यूनिवर्सिटी मामले में दर्ज की FIR

azam khan

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम खान, उनसे जुड़े जौहर ट्रस्ट, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और ठेकेदारों की कंपनियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित अजीमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

ED के अधिकारी की शिकायत पर दर्ज इस FIR में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही, एजेंसी ने इसी FIR को आधार बनाते हुए मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) की विस्तृत जांच के लिए अपनी Enforcement Case Information Report (ECIR) भी दर्ज कर ली है।

रामपुर जेल में 8 घंटे हुई थी पूछताछ

ED की यह बड़ी कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब एक दिन पहले ही जांच एजेंसी की एक टीम ने रामपुर जेल पहुंचकर आजम खान से करीब 8 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। अब ED जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े तमाम वित्तीय लेन-देन, निर्माण कार्यों में हुए खर्च और धन के संदिग्ध स्रोतों की गहराई से जांच कर रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में 416 करोड़ रुपये का अंतर

ED की जांच का सबसे बड़ा फोकस जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण खर्च पर है। एजेंसी के दावों के मुताबिक:

  • मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर की इमारतों के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 494.46 करोड़ रुपये है।

  • दूसरी तरफ, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने अपने आयकर रिटर्न (वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25) में कुल पूंजीगत खर्च महज 78.32 करोड़ रुपये ही दिखाया है।

एजेंसी का दावा है कि निर्माण की अनुमानित लागत और आयकर विभाग को घोषित किए गए खर्च के बीच करीब 416.14 करोड़ रुपये का भारी अंतर है। ED इसी अंतर की पड़ताल कर रही है कि आखिर यूनिवर्सिटी के निर्माण में इस्तेमाल हुई यह 416 करोड़ की भारी-भरकम रकम कहां से आई।

सरकारी धन और सामग्री के दुरुपयोग का आरोप

ED की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के निर्माण में सरकारी ठेकों से जुड़ी निर्माण सामग्री और सरकारी धन का खुलेआम इस्तेमाल किया गया। शिकायत में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी परिसर में:

  • ठेकेदारों के जरिए करीब 55.8 करोड़ रुपये के काम कराए गए।

  • सरकारी कार्यों के माध्यम से 23.41 करोड़ रुपये का इस्तेमाल हुआ।

  • विधायक एवं विधान परिषद क्षेत्र विकास निधि से 6.60 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

इसके अलावा, ED ने जौहर ट्रस्ट को मिले कुछ ‘दान’ (Donations) की वास्तविकता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और वह इन दान के स्रोतों की जांच करेगी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ है मुकदमा

रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 316(5) और 318(4) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7, 13(1)(d) और 13(2) लगाई गई हैं। इस मामले में अब आजम खान, जौहर ट्रस्ट, ठेकेदारों और अन्य सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।