पश्चिम एशिया के तनाव के बीच पाकिस्तान का बड़ा कदम: ईरान से सटे दो अहम बॉर्डर पर व्यापारिक आवाजाही रोकी
पश्चिम एशिया में मचे घमासान के बीच पाकिस्तान और ईरान सीमा से एक बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने ईरान से सटे अपने दो प्रमुख आधिकारिक बॉर्डर्स (तफ्तान और गब्द-रिमदान) पर व्यापारिक गतिविधियों को अस्थायी तौर पर पूरी तरह रोक दिया है। इस फैसले के बाद सीमा पर ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं। सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि इन्हीं रास्तों से ईरान पाकिस्तान को भारी मात्रा में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की सप्लाई करता है, जिसके ठप होने से पाकिस्तान में एक नया ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारिक गतिविधियां ठप, आम लोगों की आवाजाही जारी
पाकिस्तान और ईरान के बीच करीब 909 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा होती है। दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही के लिए मुख्य रूप से चार आधिकारिक क्रॉसिंग हैं— तफ्तान-मिरजावेह, गब्द-रिमदान, मंड और चडगी।
पाकिस्तानी वाणिज्य मंत्रालय के ताजा नोटिफिकेशन के बाद फिलहाल तफ्तान और गब्द-रिमदान बॉर्डर पर कमर्शियल ट्रांसपोर्ट (ट्रकों की आवाजाही) को रोक दिया गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन रास्तों पर आम नागरिकों की आवाजाही पहले की तरह ही जारी है।
गब्द-रिमदान बॉर्डर की अहमियत और एलपीजी सप्लाई पर ब्रेक
ईरान से व्यापार के लिहाज से पाकिस्तान के लिए गब्द-रिमदान बॉर्डर सबसे अहम माना जाता है। इसी रास्ते के जरिए ईरान, पाकिस्तान को 4 हजार टन एलपीजी की सप्लाई करता है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच चावल, ताजे फल और अन्य जरूरी वस्तुओं का बड़े पैमाने पर आयात-निर्यात भी इन्हीं रास्तों से होता है।
बलूचिस्तान में लगातार जारी अशांति और आतंकी घटनाओं के कारण तफ्तान बॉर्डर पहले भी कई बार बंद किया जा चुका है। अब नए आदेश के लागू होने के बाद सीमा के दोनों तरफ सैकड़ों मालवाहक ट्रक खड़े हो गए हैं, जिससे सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
बॉर्डर बंद करने पर क्या हैं पाकिस्तान और ईरान के तर्क?
इस व्यापारिक रोक को लेकर दोनों देशों के प्रशासन की तरफ से अलग-अलग कारण बताए गए हैं।
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पाकिस्तान का पक्ष: बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शाहिद रिंद ने जानकारी दी कि वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी कर तफ्तान और गब्द-रिमदान पर व्यापार रोकने का निर्देश दिया था। पाकिस्तानी प्रशासन ने इसके पीछे मुख्य वजह सुरक्षा चिंताओं और बड़े पैमाने पर हो रही तस्करी (Smuggling) को बताया है।
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ईरान का पक्ष: दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बॉर्डर पर लगी इस रोक को महज अस्थायी बताया है। उन्होंने पाकिस्तान के दावों को दरकिनार करते हुए कहा कि व्यापार रुकने की वजह सुरक्षा या तस्करी नहीं, बल्कि कुछ ‘तकनीकी कारण’ हैं।
फिलहाल पाकिस्तानी प्रशासन का कहना है कि दोनों देश इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही व्यापारिक गतिविधियां दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
