फारूक अब्दुल्ला के बयान पर मौलाना साजिद रशीदी का पलटवार, ‘पाकिस्तान भेज देना चाहिए’
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के एक विवादित बयान पर सियासत गरमा गई है। फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में कहा था कि कश्मीरी लोग सिर्फ इसलिए सुरक्षित हैं क्योंकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहता है। उनके इस बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे देशद्रोह जैसा करार दिया है।
‘सरकार उन्हें गिरफ्तार कर बॉर्डर पार छोड़ दे’
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर पलटवार करते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि अगर उन्हें भारत सरकार पर भरोसा नहीं है, तो उनका यहां रहने का कोई मतलब नहीं है। रशीदी ने कहा, “यह देशद्रोह जैसा बयान है। सरकार को उन्हें गिरफ्तार करके तुरंत बॉर्डर पार (पाकिस्तान) छोड़ देना चाहिए।”
रशीदी ने पाकिस्तान की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत में लोगों का धर्म पूछकर उन्हें मारता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पाकिस्तान खुद अमेरिका के पैरों पर बैठा है और उसका अपना कोई वजूद नहीं है। अगर आप उस पाकिस्तान से प्रेरित होते हैं, तो आपको भारत में रहने का कोई हक नहीं है।”
फारूक अब्दुल्ला ने अपने बयान में क्या कहा था?
इससे पहले, फारूक अब्दुल्ला ने अपने बयान में केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कश्मीर के लोगों से अपने हक के लिए आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा था, “उनका सामना करने की हिम्मत रखो, अगर नहीं करोगे तो आप खत्म हो जाओगे।”
अब्दुल्ला ने आगे कहा कि वह देश के साथ आगे बढ़ेंगे और जरूरत पड़ने पर देश के लिए बलिदान भी देंगे, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को खुद को सुधारना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ लोगों को नहीं, बल्कि अल्लाह को भी जवाब देना है, इसलिए वह जनता के सामने सच बोलते हैं।
