September 15, 2026

पाकिस्तान ने जैश सरगना मसूद अजहर पर घोषित किया 70 लाख का इनाम

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आतंकवादियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया है। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने अपनी मोस्ट वांटेड आतंकियों की रेड बुक में मसूद अजहर को शामिल कर यह इनाम घोषित किया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह दिखावा अक्टूबर में पेरिस में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से ठीक पहले किया गया है, ताकि आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था की आंखों में धूल झोंकी जा सके।

दुनिया को बरगलाने की कोशिश और मसूद की असल लोकेशन

पाकिस्तान साल 2021 से ही FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने और मसूद अजहर पर कार्रवाई से बचने के लिए दुनिया को गुमराह कर रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि मसूद अजहर लापता है और वह अफगानिस्तान में है। हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियों की पिछले 6 महीने की तकनीकी जांच (Technical Analysis) में यह बात सामने आई है कि मसूद अजहर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छिपा हुआ है। इससे पहले 2021 में भी FIA ने मसूद अजहर पर 50 लाख रुपये का इनाम रखा था, जिसे अब 20 लाख बढ़ाकर 70 लाख कर दिया गया है।

26/11 हमले के 19 आतंकी भी FIA की लिस्ट में

FIA की नई मोस्ट वांटेड लिस्ट में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के 19 मददगारों के नाम भी शामिल हैं। इनमें से 17 आतंकियों की फोटो और हमले में उनकी भूमिका का स्पष्ट जिक्र किया गया है। ये वो आतंकी हैं जिन्होंने हमलावरों को वित्तीय मदद दी थी और बोट का संचालन किया था। हालांकि, पाकिस्तान ने इस बार दो अहम आतंकियों की फोटो और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के साथ उनके संबंधों का विवरण लिस्ट से हटा दिया है।

  • तुर्बत का मोहम्मद ख़ान: इसने आतंकियों को मुंबई पहुंचाने के लिए ‘अल-हुसैनी’ बोट मुहैया कराई थी। इसका नाम लिस्ट में है, लेकिन तस्वीर और भूमिका हटा दी गई है।

  • अब्दुल रहमान: बहावलनगर के इस लश्कर आतंकी की भी तस्वीर और भूमिका को 2021 की तुलना में नई सूची से गायब कर दिया गया है।

किसने की थी क्या मदद?

FIA की सूची में 11 उन लश्कर आतंकियों के नाम हैं, जिन्होंने आतंकियों को ‘अल हुसैनी’ और ‘अल फ़ौज’ बोट से समुद्र पार कराया था। इनमें मोहम्मद अमजद खान, शाहिद गफूर, मोहम्मद उस्मान, अतीक उर रहमान जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, 6 ऐसे आतंकियों के नाम हैं जिन्होंने हमले के लिए फंडिंग की थी:

  • मोहम्मद इफ़्तिख़ार अली (फैसलाबाद): VOIP कनेक्शन के लिए 70,000 रुपये दिए।

  • मोहम्मद ज़िया (रावलपिंडी): 80,000 रुपये दिए।

  • मोहम्मद अब्बास नासिर (खानेवाल): 2 लाख 53 हज़ार रुपये।

  • जावेद इकबाल (कसूर): 1 लाख 86 हज़ार 430 रुपये।

  • मुख़्तार अहमद (मंडी बहाउद्दीन): 2 लाख 98 हज़ार 47 रुपये।

  • अहमद सईद (बटग्राम): 21 लाख रुपये की फंडिंग की।

भारत का दावा: पाकिस्तान में ही मौजूद हैं सभी आतंकी

FIA का दावा है कि 26/11 हमले में शामिल ये सभी 17 आतंकी पिछले 18 साल से फरार हैं। लेकिन भारतीय खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, ये सभी आतंकी सुरक्षित रूप से पाकिस्तान में ही रह रहे हैं। लिस्ट जारी करना केवल FATF से बचने की एक खानापूर्ति है।

आंकड़े बताते हैं कि पिछले 5 सालों में पाकिस्तान में आतंकियों की संख्या में 35% का इजाफा हुआ है। 2021 की रेड बुक में जहां 1330 मोस्ट वांटेड आतंकी थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1804 हो गई है।