September 15, 2026

अशोक सिद्धार्थ संन्यास लें तो आकाश आनंद की BSP में होगी वापसी

mayawati

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की संगठनात्मक भूमिका को लेकर पहली बार स्थिति स्पष्ट की है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच बसपा सुप्रीमो ने साफ कर दिया है कि आकाश आनंद की पार्टी में वापसी तभी संभव है, जब उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें।

निजी स्वार्थ से बहुजन मूवमेंट को हुआ नुकसान

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने सिद्धार्थ को सुधरने के कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने मिशन की तुलना में अपने निजी, पारिवारिक स्वार्थ और राजनीतिक महत्वाकांक्षा को सर्वोपरि रखा। बसपा प्रमुख का कहना है कि अशोक सिद्धार्थ के इस रवैये से न केवल उन्हें बल्कि उनके दामाद आकाश आनंद को भी नुकसान उठाना पड़ा। आरोप है कि सिद्धार्थ ने निजी स्वार्थ में आकाश आनंद और बसपा मूवमेंट की सही तरीके से परवाह नहीं की।

आकाश आनंद की वापसी का रास्ता

आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य पर मायावती ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए एक शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी अवसर है कि वह अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा त्याग कर संन्यास ले लें। ऐसी स्थिति में आकाश आनंद पार्टी के भीतर स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगे। सिद्धार्थ के राजनीति से पूरी तरह अलग होने के बाद ही पार्टी में आम राय बनाकर आकाश को उनकी जिम्मेदारियां वापस सौंपने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा, ताकि वे सक्रिय भूमिका निभा सकें।

आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं से अपील

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए मायावती ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बहुजन समाज और बसपा को विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों की तरफ से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने खास तौर पर दलित समाज से अपील की है कि वे पारिवारिक स्वार्थों से ऊपर उठकर बहुजन आंदोलन के हित में पूरी ताकत के साथ काम करें।