‘वोट चोरी से लेकर नाम हटाने तक…’, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खरगे के 6 बड़े आरोप

congress

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मॉक पार्लियामेंट के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ प्रस्ताव पेश किया है। इस दौरान खरगे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार और केंद्र की मोदी सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर करने के 6 गंभीर आरोप लगाए और सीईसी को तुरंत पद से हटाने की मांग की।

खरगे के 6 बड़े आरोप क्या हैं?

मॉक पार्लियामेंट में प्रस्ताव पेश करते हुए खरगे ने सीईसी और सरकार पर निम्नलिखित 6 आरोप लगाए:

  1. चुनाव चुराने की सुनियोजित साजिश रचना।

  2. वोटर लिस्ट से 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम डिलीट करना।

  3. संसद की निगरानी या जानकारी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करना।

  4. ECINet के जरिए मतदाता सूचियों पर पूरी तरह कब्जा करना।

  5. चुनाव प्रक्रिया से अन्य चुनाव आयुक्तों को दूर रखना।

  6. प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करना।

‘वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में’

अपने संबोधन की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल और इंदिरा गांधी को याद करते हुए खरगे ने कहा, “आर्टिकल 326 सभी वयस्कों को वोट देने का अधिकार देता है, जो अब गंभीर खतरे में है।” उन्होंने स्पष्ट किया, “सीईसी ज्ञानेश कुमार से हमारा कोई निजी बैर नहीं है। हम निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं, लेकिन सीईसी प्रधानमंत्री के इशारे पर चल रहे हैं। लोकतंत्र को बचाने के लिए हम पूरी ताकत लगा देंगे।”

खरगे ने आरएसएस (RSS) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने वोट का अधिकार दिया था, लेकिन आरएसएस ऐसा नहीं चाहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित करके चुनाव आयोग से जुड़ा वह बिल पास कराया, जो सीईसी को राष्ट्रपति से भी ज्यादा सुरक्षा देता है।

‘महाराष्ट्र और कर्नाटक में पलटे नतीजे, चोरी पकड़ी तो SIR का ऐलान’

खरगे ने दावा किया कि मतदाता सूची में छेड़छाड़ से चुनाव नतीजे पलटे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 40 लाख नए नाम जोड़े गए, जिससे नतीजे प्रभावित हुए। वहीं SIR (Special Intensive Revision) के दौरान 5 गुना ज्यादा नाम हटा दिए गए।

उन्होंने कहा, “जब चोरी पकड़ी गई, तो एसआईआर का ऐलान कर दिया गया। हम यह नहीं कह रहे कि मृतकों के नाम वोटर लिस्ट में रखें। आप नाम हटाएं, लेकिन हमें आंकड़े दें ताकि पता चले कि कौन बाहरी है और किसकी मौत हुई है। मोदी सरकार इन आंकड़ों को छिपा रही है।”

सीईसी को हटाने और 2023 का कानून रद्द करने की मांग

खरगे ने मांग की कि 60 प्रतिशत जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला ‘इंडिया ब्लॉक’ सीईसी ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने की मांग करता है। साथ ही उन्होंने 2023 के चुनाव आयोग कानून को रद्द करने और SIR अभियान को रोकने की भी मांग की। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने, रेल और इंटरनेट सेवाएं बंद करने और देश में अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया।

संबित पात्रा का पलटवार: ‘सबसे पहले वोट चोरी नेहरू ने की थी’

कांग्रेस के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में सबसे पहले वोट की चोरी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। पात्रा ने आरोप लगाया कि नेहरू ने दिग्गज नेता सरदार वल्लभभाई पटेल के लिए डब्बे में डाले गए वोटों की चोरी कर प्रधानमंत्री का पद हासिल किया था।