‘मराठी सीखने के लिए मिला है समय, बहाना न बनाएं’: ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की स्पष्ट चेतावनी
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने राज्य में काम कर रहे गैर-मराठी भाषी ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित वाहन चालकों को सख्त लहजे में संदेश दिया है। सोमवार (5 अक्टूबर) को ‘महाराष्ट्र माझा! मराठी माझी संवाद भाषा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि चालकों को मराठी सीखने के स्थगन (मुहलत) का गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए।
सरनाईक ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में रहकर व्यवसाय करते समय यहां की जनता से स्थानीय भाषा में संवाद करना केवल एक अपेक्षा नहीं, बल्कि हर चालक की सामाजिक जिम्मेदारी है।
‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम अभियान’
परिवहन मंत्री ने बताया कि चालकों को यात्रियों से आत्मविश्वास के साथ मराठी में बातचीत करने में सक्षम बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, राज्य मराठी विकास संस्था और कोंकण मराठी साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम अभियान’ की शुरुआत की गई है।
इस अभियान के पहले चरण की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा:
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राज्यभर में 180 से अधिक स्थानों पर शाखाएं खोली गईं।
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करीब 1800 शिक्षकों के माध्यम से 1 लाख 65 हजार 800 से अधिक गैर-मराठी भाषी चालकों को व्यावहारिक (Practical) मराठी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
हालांकि, मंत्री ने चिंता जताई कि अभी भी राज्य में करीब 8 से 9 लाख गैर-मराठी भाषी चालक हैं, जिन्हें मराठी सिखाई जानी है। इन्हीं शेष चालकों तक पहुंचने के लिए अभियान का दूसरा चरण शुरू किया गया है।
18 अगस्त 2027 तक की है मोहलत, उसके बाद नहीं मिलेगा समय
व्यावहारिक मराठी से संबंधित संशोधित कानून के क्रियान्वयन पर कुछ रिक्शा और टैक्सी संगठनों की मांग के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 अगस्त 2027 तक की रोक (स्थगन) लगाई है।
इस पर प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि गैर-मराठी भाषी चालकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि स्थगन का मतलब कानून का रद्द होना नहीं है। उन्होंने कहा, “18 अगस्त 2027 के बाद कानून का क्रियान्वयन शुरू होने पर कोई बहाना नहीं चलेगा। चालक यह मानकर न चलें कि उन्हें आगे की समयसीमा मिल ही जाएगी।”
‘आज मराठी सीखें, कल की कार्रवाई से बचें’
मंत्री सरनाईक ने गैर-मराठी चालकों से तुरंत प्रशिक्षण कक्षाओं में अपना नाम दर्ज कराने या ऑनलाइन माध्यम से मराठी सीखने की अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार ने प्रशिक्षण के दरवाजे खुले रखे हैं। स्थगन मराठी सीखने से बचने का अवसर नहीं, बल्कि खुद को तैयार करने के लिए मिली हुई समयसीमा है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र की भाषा, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के साथ-साथ यात्रियों और चालकों के बीच संवाद को अधिक सुगम बनाना है। 18 अगस्त 2027 के बाद इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
