CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े 2 दशक पुराने सड़क प्रोजेक्ट में 700 करोड़ का भ्रष्टाचार? केरल विधानसभा में गूंजा मुद्दा, VACB की जांच जारी
केरल में लगभग दो दशक पुराने एक सड़क निर्माण प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) इस मामले में प्रारंभिक जांच कर रहा है। इस परियोजना के शुरू होने के समय देश के मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव थे।
बृहस्पतिवार को केरल के लोक निर्माण विभाग मंत्री पीके बशीर ने राज्य विधानसभा में बताया कि इस मामले में प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। मंत्री ने दावा किया कि अधिकारियों की कथित अनियमितताओं के कारण सरकारी खजाने को करीब 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
विधानसभा में बीजेपी विधायकों ने उठाया मुद्दा
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक बीबी गोपकुमार, वी. मुरलीधरन और राजीव चंद्रशेखर ने इस सतर्कता जांच की मौजूदा स्थिति पर सरकार से सवाल किए थे।
जवाब में मंत्री पीके बशीर ने बताया कि साल 2006 में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की गई जांच में कुछ विसंगतियां पाई गई थीं। इन्हीं विसंगतियों के आधार पर मामले की दोबारा प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry) के आदेश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच चल रही है और रिपोर्ट का इंतजार है।
क्या है यह विश्व बैंक से जुड़ी 215 करोड़ की परियोजना?
यह पूरा विवाद केरल राज्य परिवहन परियोजना (KSTP) से जुड़ा है। साल 2006 में इस प्रोजेक्ट के तहत अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक 215 करोड़ रुपये की लागत से ‘एमसी रोड’ के पुनर्निर्माण का काम शुरू हुआ था। इस परियोजना को विश्व बैंक (World Bank) से फंडिंग मिली थी।
सड़क निर्माण का ठेका ‘पीएटीआई-बेल’ (PATI-BEL) को दिया गया था, जो मलेशिया की एक कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग का संयुक्त उद्यम (Joint Venture) था। निर्माण का मुख्य काम इसी मलेशियाई कंपनी ने किया था। अब इसी काम में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर जांच चल रही है।
प्रोजेक्ट इंजीनियर की शिकायतों के बाद हुई थी मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान मलेशियाई कंपनी के तत्कालीन प्रोजेक्ट इंजीनियर ‘ली सी बीन’ ने काम को लेकर कई गंभीर शिकायतें उठाई थीं। विवादों के बीच वह वापस मलेशिया लौट गए, जहां बाद में कथित तौर पर उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका और आगे की जांच
मौजूदा समय में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर आसीन ज्ञानेश कुमार, उस दौर में केरल में लोक निर्माण विभाग के सचिव थे, जब यह KSTP प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। फिलहाल, VACB की रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले में कथित 700 करोड़ के वित्तीय नुकसान और संबंधित अधिकारियों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
