September 16, 2026

इसरो के ‘नॉटी बॉय’ GSLV-F17 ने रचा इतिहास, EOS-05 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 4 सितंबर 2026 को श्रीहरिकोटा से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। कभी ‘नॉटी बॉय’ कहलाने वाले GSLV रॉकेट ने अपनी इस शानदार उड़ान से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत के स्पेस सेक्टर की उत्कृष्टता और इनोवेशन का प्रतीक बताते हुए पूरी इसरो टीम को बधाई दी है।

EOS-05 सैटेलाइट की खासियत और रणनीतिक उपयोगिता

  • निरंतर निगरानी क्षमता: सामान्य सैटेलाइट्स के ‘स्नैपशॉट’ के विपरीत, EOS-05 लगातार एक ‘फिल्म’ की तरह निगरानी करेगा। 2,376 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह आसमान में 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई (जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट) से हर 5 मिनट में अलर्ट भेजेगा।
  • रणनीतिक और प्राकृतिक आपदाओं पर नजर: यह सैटेलाइट भारतीय उपमहाद्वीप, आसपास के महासागरों और संवेदनशील रणनीतिक क्षेत्रों पर रीयल-टाइम नजर रखेगा। इससे बंगाल की खाड़ी के चक्रवातों, बाढ़, जंगल की आग और कृषि गतिविधियों की सटीक जानकारी मिलेगी।
  • सुरक्षा बलों को मिलेगी मदद: इस लॉन्च के दौरान वायुसेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जो इस बात का प्रमाण है कि यह सैटेलाइट समुद्री और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित होगा।

‘नॉटी बॉय’ से ‘स्मार्ट बॉय’ बना GSLV रॉकेट इसरो के GSLV Mk-II रॉकेट का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। अपने 19 में से 6 मिशनों में विफल रहने के कारण इसे ‘नॉटी बॉय’ का उपनाम मिला था। अगस्त 2021 में इसी रॉकेट से किया गया GISAT-1 का लॉन्च क्रायोजेनिक अपर स्टेज की खराबी के कारण फेल हो गया था। EOS-05 की सफल लॉन्चिंग 2021 के उसी अधूरे सपने को पूरा करने वाला कदम है। हाल ही में (2025 और जनवरी 2026) भरोसेमंद PSLV रॉकेट की लगातार दो विफलताओं के बाद, GSLV ने यह सफलता दिलाकर इसरो का आत्मविश्वास फिर से बहाल कर दिया है।

गगनयान सहित आगे के महत्वाकांक्षी मिशन इसरो चीफ डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि कड़ी मेहनत का पुरस्कार और अधिक काम होता है। इस सफलता के बाद इसरो के सामने इसी साल छह और अहम लॉन्चिंग प्रस्तावित हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण गगनयान (Gaganyaan) मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसका पहला मानव रहित परीक्षण इसी साल के अंत तक किया जाना तय है।