‘गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे’; दिल्ली-NCR से गोरखपुर का सफर सिर्फ 8 घंटे में
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) तेजी से ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब एक और मेगा प्रोजेक्ट यूपी के खाते में जुड़ने जा रहा है— ‘गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे’ (Gorakhpur Shamli Expressway)। लगभग 740 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट राज्य का सबसे लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे (Access Controlled Expressway) होगा।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी और दिल्ली-NCR से पूर्वांचल की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। शामली से गोरखपुर का सफर जहां सिर्फ 7.5 घंटे में पूरा हो सकेगा, वहीं दिल्ली-एनसीआर से गोरखपुर पहुंचने में बमुश्किल 8 घंटे का समय लगेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से भी बड़ा होगा यह प्रोजेक्ट
वर्तमान में उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ (594 किमी) है, जिसका निर्माण कार्य जोरों पर है। लेकिन गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई लगभग 740 किलोमीटर है, जो इसे राज्य का सबसे लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाएगा।
दो फेज में होगा निर्माण, NHAI ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) की निर्माण प्रक्रिया तेज कर दी है। हाल ही में पैकेज 9, 10, 11 और 12 के लिए निर्माण बोलियां (Bids) आमंत्रित की गई हैं, जो 6 नवंबर 2026 को खोली जाएंगी। पैकेज 5, 6, 7 और 8 के लिए बिड पहले ही जारी हो चुकी है। इसका निर्माण दो प्रमुख चरणों (Phases) में किया जाएगा:
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पहला फेज: शामली से शाहजहांपुर के पुवायां तक (348.184 किलोमीटर)। यह हिस्सा शामली में दिल्ली-देहरादून और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के जंक्शन से जुड़ेगा।
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दूसरा फेज: शाहजहांपुर के पुवायां से गोरखपुर तक (391.77 किलोमीटर)।
यात्रा के समय में भारी कमी, जानें क्या होगा फायदा
इस एक्सप्रेसवे के बनने से केवल यूपी ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की यात्राओं के समय में ऐतिहासिक कमी आएगी:
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शामली से गोरखपुर: लगभग 7.5 घंटे
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दिल्ली से गोरखपुर: लगभग 8 घंटे
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शामली से लखनऊ: 5 से 6 घंटे
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गोरखपुर से सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल): वर्तमान 15 घंटे का सफर घटकर लगभग 8 घंटे रह जाएगा।
6 राज्यों को एक धागे में पिरोएगा यह एक्सप्रेसवे
यूं तो इस एक्सप्रेसवे का 100% हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा, लेकिन इंटरलिंकिंग के जरिए यह देश के छह राज्यों— पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।
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पंजाब और हरियाणा: अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के जरिए जुड़ेंगे।
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दिल्ली/एनसीआर: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के जंक्शन से जुड़ेंगे।
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बिहार और पश्चिम बंगाल: यह एक्सप्रेसवे आगे प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़कर पूर्वी भारत तक सीधा और तेज रास्ता मुहैया कराएगा।
