ईरान पहुंचे पाक गृह मंत्री मोहसिन नकवी, असीम मुनीर का लेकर गए खास संदेश
मिडिल ईस्ट में गहराते सुरक्षा संकट, अमेरिका-ईरान युद्ध और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के साथ जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) ईरान के अहम दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ ‘इमरजेंसी टॉक’ (आपातकालीन वार्ता) करना है। इस दौरान वह पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का एक बेहद खास संदेश भी ईरानी नेतृत्व को सौंपेंगे। मोहसिन नकवी का यह हाई-लेवल मिशन समुद्री मार्गों की सुरक्षा बहाल करने और क्षेत्रीय तनाव को कम करने पर केंद्रित होगा।
हूती विद्रोहियों के हमलों ने बढ़ाई खाड़ी देशों की टेंशन
ईरान और पाकिस्तान के बीच होने वाली इस इमरजेंसी मीटिंग का मुख्य फोकस यमन का हूती आंदोलन होगा। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और लाल सागर में गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर लगातार किए जा रहे हमलों ने खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान के सऊदी अरब के साथ पुराने और बेहद घनिष्ठ आर्थिक व रक्षा संबंध हैं। ऐसे में पाकिस्तान चाहता है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ती आक्रामकता को रोका जाए और क्षेत्रीय युद्ध को टालने के लिए यूएई-हूती विद्रोही विवाद में प्रभावी हस्तक्षेप किया जाए।
मध्यस्थ की भूमिका में आना चाहता है पाकिस्तान
यह कूटनीतिक कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीन की यात्रा की थी। इसके बाद पाकिस्तान, चीन और ईरान के बीच नए सिरे से रिश्ते और संपर्क स्थापित करने के प्रयास तेज हो गए हैं। मोहसिन नकवी अपनी इस यात्रा के जरिए ईरान के साथ सीधा और मजबूत राजनयिक संबंध स्थापित करना चाहते हैं। पाकिस्तान की रणनीति है कि वह ईरान और खाड़ी देशों (विशेषकर सऊदी अरब) के साथ अपने संतुलित संबंधों का फायदा उठाते हुए खुद को एक मध्यस्थ (Mediator) के रूप में स्थापित करे, ताकि नाजुक होती क्षेत्रीय शांति को बचाया जा सके।
फरवरी 2026 से धधक रहा है मिडिल ईस्ट
मिडिल ईस्ट में हालात फरवरी 2026 से लगातार बिगड़ रहे हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग की शुरुआत हुई थी।
-
अमेरिका-ईरान विवाद: अमेरिका का दबाव है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर दे, लेकिन ईरान झुकने को तैयार नहीं है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी दोनों में भारी टकराव है। फरवरी में युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई।
-
सऊदी अरब बनाम हूती: दूसरी तरफ, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हूतियों ने बाब-अल-मंडेब (Bab-el-Mandeb) में सऊदी अरब के एक प्रमुख ऑयल प्लांट पर कब्जा कर लिया है और अब वे सऊदी अरब के अंदर सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
