अराघची ने मैक्रों को दी नसीहत, कहा- ‘अपने लिए खुद मुसीबत मोल ली, अब भविष्य की आवाज सुनें’
फ्रांस में बढ़ती महंगाई, खराब सार्वजनिक सेवाओं (Public Services) और शिक्षा बजट में कटौती के खिलाफ भड़का लोगों का गुस्सा अब हिंसक रूप ले चुका है। राजधानी पेरिस समेत कई बड़े शहरों में आगजनी, लूटपाट और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़पों की घटनाएं सामने आई हैं। इन बेकाबू होते हालातों के बीच अब ईरान ने फ्रांस के आंतरिक मामलों में कड़ा बयान देकर कूटनीतिक हलचल तेज कर दी है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें फ्रांस के भविष्य की आवाज सुनने की नसीहत दी है।
‘मिस्टर मैक्रों, आपने खुद मुसीबत मोल ली है’
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तीखा पोस्ट शेयर करते हुए मैक्रों सरकार की नीतियों की आलोचना की।
अराघची ने लिखा, “मिस्टर मैक्रों ने खुद ही अपने लिए मुसीबत मोल ली है, जब उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को भरोसा दिलाया था कि वे ईरानियों पर हो रहे अत्याचारों का स्वागत करते हैं। अब उस युद्ध (अशांति) के लिए दूसरों को दोष देने में बहुत देर हो चुकी है, जिसे भड़काने में उनके जैसे लोगों का भी हाथ था। फ्रांस की जनता अब पूरी तरह से बदलाव चाहती है, जिसमें लोगों के इकट्ठा होने की आजादी भी शामिल है।”
अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, फ्रांस के भविष्य की आवाज सुनें।”
मैक्रों की शांति की अपील: ‘कुछ भी हिंसा को सही नहीं ठहराता’
देशभर में हिंसक हो रहे इन प्रदर्शनों को देखते हुए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की पुरजोर अपील की।
मैक्रों ने उपद्रवियों पर सख्ती दिखाते हुए कहा, “कुछ भी इस हिंसा को सही नहीं ठहराता और इसका कोई बहाना नहीं हो सकता।” उन्होंने हैरानी जताते हुए सवाल किया कि फ्रांस के नागरिक अपने ही देश की संपत्तियों और संस्थाओं के खिलाफ ऐसी हिंसक हरकतें कैसे कर सकते हैं?
मैक्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखने वालों को हिंसा करने वालों की हरकतों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
इमरजेंसी नहीं, लेकिन प्रशासन को मिली एक्स्ट्रा पावर
राष्ट्र के नाम संबोधन में मैक्रों ने फिलहाल देश में राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) लगाने का ऐलान तो नहीं किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि हालात बिगड़ने पर स्थानीय प्रशासन को कुछ प्रदर्शनों पर रोक लगाने का विशेषाधिकार दिया जाएगा।
2400 से ज्यादा लोग गिरफ्तार
फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इन उग्र प्रदर्शनों के दौरान अब तक करीब 2400 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शनिवार को ही देशभर के विभिन्न शहरों में 5 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे थे। हालांकि, इनमें से ज्यादातर लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कुछ कट्टरपंथी समूहों ने दुकानों में भारी लूटपाट की और पुलिस की गाड़ियों व सरकारी इमारतों को निशाना बनाकर आग के हवाले कर दिया।
