‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का लोकार्पण, सीएम योगी बोले- आस्था से अर्थव्यवस्था तक साझी समृद्धि की राह बना रही भारत-जापान मैत्री

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और जापान के कूटनीतिक व सांस्कृतिक रिश्तों को विश्वास की विरासत और विकास की साझेदारी का जीवंत सेतु करार दिया है। बुधवार को काशी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की स्मृतियों को समर्पित ‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए दोनों देशों के गहरे संबंधों को रेखांकित किया।

मोदी और आबे ने मैत्री को दी नई ऊंचाई

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिवंगत शिंजो आबे के साझा प्रयासों ने दोनों देशों की आत्मीय दोस्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। काशी में बना यह नया मेमोरियल कॉरिडोर इसी आत्मीय मैत्री और शिंजो आबे की यादों को समर्पित है, जो भारत और जापान जैसी दो प्राचीन संस्कृतियों के बीच एक मजबूत वैचारिक पुल का काम करेगा।

यूपी में 90 हजार करोड़ का जापानी निवेश

कार्यक्रम के दौरान भारत-जापान संबंधों के आर्थिक पक्ष को प्रमुखता से रखा गया। राज्य में निवेश के आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच की यह सांस्कृतिक आत्मीयता अब आर्थिक साझेदारी की नई ताकत बन रही है। उत्तर प्रदेश सरकार अब तक विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर कर चुकी है।

काशी और क्योटो का ऐतिहासिक जुड़ाव

दोनों देशों के संबंधों की नींव पर बात करते हुए योगी ने कहा कि यह रिश्ता पूरी तरह से विश्वास और विकास पर आधारित है। भारत की आध्यात्मिक नगरी काशी और जापान के ऐतिहासिक शहर क्योटो के बीच का सीधा जुड़ाव इसी रिश्ते को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, काशी से लेकर क्योटो तक का यह सफर केवल सांस्कृतिक नहीं है, बल्कि आस्था से अर्थव्यवस्था तक का विस्तार लेते हुए साझी समृद्धि के नए रास्ते खोल रहा है।