September 20, 2026

PNB से 48.48 करोड़ की धोखाधड़ी: PCH कॉरपोरेशन के ठिकानों पर CBI की छापेमारी, फंड डायवर्जन का आरोप

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंक धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में M/s PCH Corporation Ltd और M/s PCH Retail Ltd के खिलाफ कार्रवाई की है। शनिवार को CBI की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB), बेंगलुरु की टीमों ने हैदराबाद और ओडिशा में इन कंपनियों और इनके निदेशकों के ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह पूरी कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB), चेन्नई की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर की गई है। एफआईआर में कंपनियों के निदेशकों के साथ-साथ कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है।

बिना बताए बेच दिया गिरवी रखा स्टॉक

CBI की एफआईआर के मुताबिक, आरोपी कंपनियों पर बैंक से लिए गए कर्ज के एवज में गिरवी (Hypothecated) रखे गए कारोबारी स्टॉक को खुर्द-बुर्द करने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने बैंक को जानकारी दिए बिना इस स्टॉक को बाजार में बेच दिया।

नियम के तहत स्टॉक की बिक्री से मिली रकम को संबंधित लोन अकाउंट के जरिए बैंकिंग चैनल में जमा करना होता है, लेकिन आरोपियों ने इस पैसे का कहीं और इस्तेमाल कर लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, धन के इस कथित डायवर्जन और दुरुपयोग से पीएनबी को 48.48 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। CBI ने इस मामले को चीटिंग, आपराधिक विश्वासघात, गबन और आपराधिक साजिश की धाराओं में दर्ज किया है।

दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद

19 सितंबर को चलाए गए इस समन्वित सर्च ऑपरेशन के दौरान जांच एजेंसी ने PCH Corporation Ltd और PCH Retail Ltd के निदेशकों के आवासीय परिसरों को भी खंगाला। तलाशी के दौरान अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

फंड ट्रांसफर की कड़ियां जोड़ रही एजेंसी

CBI की टीम अब जब्त की गई डिजिटल सामग्री और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात का पता लगाना है कि स्टॉक की बिक्री से मिली रकम को किन-किन जगहों पर डायवर्ट किया गया और किन बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ। एजेंसी इस वित्तीय लेनदेन की कड़ियों के जरिए यह भी स्पष्ट कर रही है कि इस पूरी साजिश में किन लोगों की क्या भूमिका रही है। मामले में आगे की कानूनी और तकनीकी जांच जारी है।