September 15, 2026

ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम हमले की निंदा, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का संकल्प

modi

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साझा घोषणापत्र (न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन) में सदस्य देशों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। शनिवार को जारी घोषणापत्र में सभी देशों ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का संकल्प दोहराया। इसके साथ ही घोषणापत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता या सभ्यता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

आतंकवाद पर कड़ा संदेश और साझा घोषणापत्र जारी

सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली डिक्लेरेशन को सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक को सार्थक और रचनात्मक बताते हुए कहा कि यह घोषणापत्र सभी देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • दस्तावेजों को मंजूरी: भारत की ओर से रखे गए प्रस्तावों को घोषणापत्र में शामिल कर लिया गया।

  • स्मारक डाक टिकट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर ब्रिक्स पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।

  • नेताओं की एकजुटता: सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक साथ तस्वीर भी सामने आई, जिसमें तीनों नेता हाथ थामे दिखे। सत्र समाप्ति के बाद पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने आपस में हाथ मिलाया और बातचीत की।

मध्य पूर्व संकट और शांति की अपील

रॉयटर्स और चीनी सरकारी मीडिया सीसीटीवी (CCTV) के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्रिक्स देशों से मध्य पूर्व के संघर्ष को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। शी जिनपिंग ने कहा कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के विपरीत है और चीन इस क्षेत्र में शांति बहाली के लिए ब्रिक्स सदस्यों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

‘कानून की जगह ताकत न ले’: ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बहुपक्षवाद और वैश्विक शासन (Global Governance) के स्वरूप पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बहुपक्षवाद का वास्तविक अर्थ तभी संभव है जब कानून के समक्ष सभी देश बराबर हों।

पेजेशकियान ने कहा कि विकासशील देशों की आवाज सुने बिना वैश्विक शासन को मान्यता नहीं मिल सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्व समुदाय को एक ऐसी व्यवस्था की दिशा में बढ़ना चाहिए जहां कानून की जगह ताकत न ले, सहयोग की जगह प्रतिबंध न थोपे जाएं, बातचीत की जगह युद्ध न ले और भागीदारी की जगह एकाधिकार न कायम हो।

अगले साल चीन के पास होगी ब्रिक्स की कमान

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की है कि चीन अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा। वर्ष 2027 में 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी चीन द्वारा की जाएगी।