कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी पर कांग्रेस चुप क्यों? सुधांशु त्रिवेदी ने बटला हाउस और बुरहान वानी का जिक्र कर बोला तीखा हमला
फ्लाईदुबई (Flydubai) विमान में अपनी जान पर खेलकर 174 यात्रियों को बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी को लेकर अब देश में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर तीखा हमला बोला है। त्रिवेदी ने सवाल उठाया है कि जब पूरी दुनिया और देश के प्रधानमंत्री स्मित माछर के अदम्य साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से उन्हें लेकर एक भी बयान क्यों नहीं आया।
‘कांग्रेस की तरफ से एक शब्द क्यों नहीं?’
बीजेपी नेता ने कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान में साहस दिखाने वाले स्मित माछर ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। जब देश को इस घटना पर गर्व करने का मौका मिला है, तब कांग्रेस ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।
सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा कि इस गौरवपूर्ण क्षण पर कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई सोशल मीडिया पोस्ट या प्रेस बयान (Press Statement) जारी क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद पूरे देश में गर्व का माहौल है, लेकिन कांग्रेस इस उपलब्धि को नजरअंदाज कर रही है।
बटला हाउस, जाकिर नाइक और बुरहान वानी का जिक्र
अपने हमले को धार देते हुए त्रिवेदी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पुराने रुख का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने अतीत में ‘बटला हाउस मुठभेड़’ को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रियाएं दी थीं, लेकिन देश के लिए साहस दिखाने वाले कैप्टन के शौर्य पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
बीजेपी प्रवक्ता ने जाकिर नाइक और बुरहान वानी का भी नाम लिया। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि जिन विवादित चेहरों को लेकर पार्टी नेताओं की ओर से अतीत में सहानुभूति या अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, उनके मुकाबले एक सच्चे नायक के शौर्य पर पार्टी कुछ क्यों नहीं बोल रही है।
नेतन्याहू और पीएम मोदी कर चुके हैं तारीफ
बीजेपी नेता ने याद दिलाया कि कैप्टन स्मित माछर के साहस की तारीफ वैश्विक स्तर पर हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अस्पताल में भर्ती स्मित से वीडियो कॉल पर बात कर उनका हाल जान चुके हैं।
इसके अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी स्मित माछर को भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का नायक बताया है। नेतन्याहू ने उन्हें पीएम मोदी के साथ अगले साल इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है।
30 सितंबर को आसमान में हुआ था खूनी संघर्ष
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 (FZ1073) में यह भयावह घटना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान के सह-पायलट ने कैप्टन स्मित माछर पर जानलेवा हमला कर दिया था। हाथापाई के कारण विमान तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा था।
सिर पर वार होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद बाहर मौजूद क्रू और यात्रियों ने हमलावर को काबू में किया। इस संघर्ष के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारकर सभी 174 लोगों की जान बचा ली गई थी।
