‘साबित करें 6 गारंटियां लागू हुईं या इस्तीफा दें’: केंद्रीय मंत्री बंडी संजय की तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को खुली चुनौती
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की 6 गारंटियों (6 Guarantees) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्ताधारी कांग्रेस के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को सीधी चुनौती दी है। बंडी संजय ने कहा है कि अगर रेवंत रेड्डी यह साबित कर दें कि राज्य में कांग्रेस की सभी 6 गारंटियां लागू हो चुकी हैं, तो वह अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।
केरल के दावों पर उठाया सवाल
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय हुजूराबाद के पास एक प्रस्तावित डंपिंग यार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर मुख्यमंत्री गारंटियों के लागू होने की बात साबित नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए।”
बंडी संजय ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी केरल में चुनाव प्रचार के दौरान तेलंगाना में छह गारंटियां पूरी होने का झूठा दावा कर रहे थे। बीजेपी नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को केरल के पत्रकारों के साथ तेलंगाना आकर इन योजनाओं की जमीनी हकीकत देखनी चाहिए।
हुजूराबाद में डंपिंग यार्ड का कड़ा विरोध
राजनीतिक गारंटियों के अलावा बंडी संजय ने हुजूराबाद मंडल के सिरसापल्ली और रंगापुर के पास प्रस्तावित डंपिंग यार्ड के खिलाफ भी मोर्चा खोला।
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उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों के बीच कचरा निस्तारण केंद्र बनाना उचित नहीं है। इसका आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है।
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बीजेपी नेता ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने डंपिंग यार्ड बनाने का फैसला वापस नहीं लिया, तो पार्टी स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।
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उन्होंने सरकार से स्थानीय लोगों की चिंताएं सुनने और रिहायशी इलाके से दूर डंपिंग यार्ड के लिए कोई दूसरी जगह चुनने की मांग की।
BRS भी कर चुकी है डंपिंग यार्ड का विरोध
प्रस्तावित डंपिंग यार्ड और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को लेकर हुजूराबाद में स्थानीय स्तर पर पहले से ही विरोध चल रहा है। हुजूराबाद से भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विधायक पाडी कौशिक रेड्डी भी इस परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं का तर्क है कि कचरे के ढेर और प्लांट से आसपास के गांवों का पर्यावरण दूषित होगा।
