September 15, 2026

बिहार कांग्रेस में बड़ी कार्रवाई: 29 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी

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बिहार कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रदेश अनुशासन समिति ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के मामले में कड़ा कदम उठाया। गुरुवार (10 सितंबर, 2026) को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने एक साथ 29 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।

क्या है पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई?

यह कार्रवाई हाल ही में 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एआईसीसी (AICC) कार्यालय के समीप बिहार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के विरोध में आयोजित एक धरना-प्रदर्शन में इन नेताओं के सक्रिय रूप से शामिल होने को लेकर की गई है।

बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि संबंधित नेताओं का इस प्रकार के प्रदर्शन में शामिल होना पार्टी की नीति, अनुशासन और निर्देशों का खुला उल्लंघन है। इसे पार्टी के भीतर गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया है।

72 घंटे के भीतर देना होगा लिखित जवाब

जारी नोटिस में सभी 29 नेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे पत्र मिलने के 72 घंटे के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण अनुशासन समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही उन्हें यह भी बताने को कहा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ पार्टी नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है या फिर प्राप्त उत्तर असंतोषजनक पाया जाता है, तो पार्टी नियमों के अनुसार एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए समिति पूरी तरह स्वतंत्र होगी।

नोटिस की जद में आने वाले प्रमुख नेता

कारण बताओ नोटिस पाने वाले 29 नेताओं में कई जाने-माने और पूर्व पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से:

  • पूर्व विधायक अनिल सिंह

  • पूर्व विधायक पूनम देवी

  • पश्चिमी चंपारण के पूर्व जिलाध्यक्ष भारत भूषण दुबे

  • औरंगाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह

  • मधेपुरा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र यादव

  • सीवान के पूर्व जिलाध्यक्ष विधु शेखर पांडेय समेत कुल 29 नेता शामिल हैं।

इस अचानक हुई कार्रवाई से पार्टी के भीतर सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।