बाबा नीब करौरी के पैतृक मकान पर विवाद, ट्रस्ट पर कब्जे का आरोप
फिरोजाबाद: बाबा नीब करौरी महाराज के पैतृक मकान को लेकर परिवार और श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट के बीच विवाद सामने आया है। बाबा नीब करौरी के छोटे बेटे दिवंगत धर्मनारायण शर्मा की छह बेटियों ने जिला प्रशासन से शिकायत कर आरोप लगाया है कि उनके पैतृक मकान पर ट्रस्ट ने परिवार की सहमति के बिना कब्जा कर रखा है।
परिवार ने प्रशासन से मकान, मंदिर और डाक बंगलिया से जुड़ी संपत्ति के दस्तावेजों की जांच कराने और संपत्ति को ट्रस्ट के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। परिवार की ओर से कहा गया है कि प्रशासन से जल्द न्याय नहीं मिलने पर वे अदालत का रुख करेंगे।
परिवार ने ट्रस्ट के दावे पर उठाए सवाल
बाबा नीब करौरी की पोतियों का कहना है कि उनका पैतृक मकान और उससे जुड़ी संपत्ति श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट को दान नहीं की गई थी। इसके बावजूद इस संपत्ति को ट्रस्ट की संपत्तियों में शामिल कर लिया गया।
परिवार ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक ट्रस्ट का संचालन प्रशासन की निगरानी में कराया जाना चाहिए।
मुंबई निवासी पोती भावना रावत के पति मनोज रावत ने कहा है कि यदि जिला प्रशासन से जल्द न्याय नहीं मिला तो परिवार इस मामले को अदालत में ले जाएगा।
ट्रस्ट ने कब्जे के आरोपों को नकारा
परिवार के आरोपों को श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने खारिज किया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल का कहना है कि बाबा का मकान, मंदिर और डाक बंगलिया ट्रस्ट को दान में दिए गए थे।
उनके मुताबिक, अगर यह संपत्ति ट्रस्ट को दान नहीं की गई होती तो इतने वर्षों से ट्रस्ट इसकी देखरेख क्यों करता। इस तरह संपत्ति के स्वामित्व को लेकर परिवार और ट्रस्ट के दावे अलग-अलग हैं।
मकान नंबर 154 को बताया गया बाबा का जन्मस्थान
बाबा नीब करौरी का जन्मस्थान फिरोजाबाद जिले के टूंडला क्षेत्र के अकबरपुर गांव में बताया जाता है। अकबरपुर की ग्राम पंचायत नगला में स्थित मकान नंबर 154 वह पैतृक आवास है जहां बाबा का जन्म हुआ था और वे अपने जीवन के शुरुआती दौर में रहे थे।
इस मकान में बाबा का ध्यान कक्ष, रसोई, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष होने की बात कही गई है। परिवार का आरोप है कि वर्तमान में इस मकान पर श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट का कब्जा है।
बाबा के जन्म की सटीक तारीख को लेकर उपलब्ध जानकारी स्पष्ट नहीं बताई गई है।
बाबा नीब करौरी का मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा
बाबा नीब करौरी महाराज का मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा बताया जाता है। उनकी पत्नी का नाम राम बेटी शर्मा था। परिवार के मुताबिक, बाबा और उनकी पत्नी के दो बेटे थे, जिनके नाम अनेक सिंह शर्मा और धर्म नारायण शर्मा थे। उनकी एक बेटी गिरजा भटेले भी हैं।
धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां हैं। परिवार की ओर से इन्हीं छह पोतियों ने पैतृक संपत्ति को लेकर प्रशासन में शिकायत दी है।
पुण्यतिथि पर अकबरपुर पहुंची थीं छह बहनें
धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां अलग-अलग शहरों में रहती हैं। इनमें सुनीता शर्मा वृंदावन, अर्चना शर्मा और ऋतु तिवारी दिल्ली, वंदना शर्मा मथुरा, भावना रावत मुंबई और ऋचा रावत गुड़गांव में रहती हैं।
परिवार के मुताबिक, छहों बहनें 14 अगस्त को अपनी मां की पुण्यतिथि पर अकबरपुर पहुंची थीं। इसी दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर पैतृक संपत्ति से ट्रस्ट का कब्जा हटाने की मांग की।
शिकायत में परिवार ने ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय गुप्ता पर परिवार की सहमति के बिना संपत्ति को ट्रस्ट में शामिल करने का आरोप लगाया है। इस आरोप की पुष्टि प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कैंची धाम से जुड़ी है बाबा की पहचान
बाबा नीब करौरी महाराज की पहचान देश और विदेश में उनके अनुयायियों के बीच है। उत्तराखंड में नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम उनके प्रमुख आश्रमों में से एक है।
बाबा ने 15 जून 1964 को कैंची धाम की स्थापना की थी। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। बाबा नीब करौरी का निधन 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में हुआ था।
