US मिडटर्म चुनाव नतीजों पर भारतीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं: जयराम रमेश, ओवैसी से महुआ मोइत्रा तक
अमेरिका के मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों के परिणाम सामने आ चुके हैं। इन चुनावों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक ‘लिटमस टेस्ट’ माना जा रहा था, लेकिन इसमें उनकी रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जबकि डेमोक्रेट्स ने बड़ी जीत दर्ज की है। इन चुनावी नतीजों की चर्चा अमेरिका तक ही सीमित नहीं है; भारत के राजनीतिक गलियारों में भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कांग्रेस से लेकर AIMIM और शिवसेना (UBT) तक, कई भारतीय नेताओं ने इस पर अपने विचार रखे हैं।
जयराम रमेश: ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के विचार को बताया कुंद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने अमेरिकी चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां के लोगों ने एक “चकित करने वाला फैसला” सुनाया है और राष्ट्रपति ट्रंप को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
रमेश ने इन नतीजों को भारत की राजनीति से जोड़ते हुए कहा, “रिजल्ट जवाबदेही लागू करने के लिए मिडटर्म इलेक्शन की पावर को दर्शाते हैं। हमारे अपने देश में ‘एक देश एक चुनाव’ (One Nation One Election) का विचार, जिसकी वकालत पीएम मोदी कर रहे हैं, उस विचार को यह काफी हद तक कुंद कर देगा।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन ने वहां इंस्टीट्यूशनल बैलेंस को फिर से स्थापित किया है, जबकि 2014 के बाद भारत में यह बैलेंस “खतरनाक रूप से गड़बड़ा गया है।”
असदुद्दीन ओवैसी: ‘एक अब्दुल मिशिगन जीत गया’
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मिशिगन में मुस्लिम उम्मीदवार की जीत का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति पर निशाना साधा।
ओवैसी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी। संघियों ने अब्दुल को एक तंज में बदलने की बहुत कोशिश की है। वक्त आ गया है कि हम दिखाएं कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की गुलामी नहीं करता। अब दरी नहीं बिछाएंगे।”
केसी वेणुगोपाल: ‘बदलाव की हवा चल रही है’
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इन परिणामों को आम जनता की सामूहिक ताकत का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बदलाव की हवा चल रही है और यह चुनाव दिखाता है कि कैसे लोगों की सामूहिक ताकत सत्तावादी प्रवृत्तियों को हरा सकती है।
वेणुगोपाल ने कहा, “ये रिजल्ट हमें याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र आखिरकार अरबपतियों, पावरफुल ग्रुप और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का नहीं, बल्कि आम नागरिकों का है… जब लोग एकजुट होते हैं, तो उनकी जीत हमेशा सुनिश्चित होती है। भारत एकजुट है।”
महुआ मोइत्रा और अभिजीत दीपके के तंज
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने अमेरिकी चुनाव और भारत के चुनाव आयोग पर व्यंग्य करते हुए लिखा, “फ्रांड्स (Friends), डोनाल्ड को ज्ञानू की जरूरत है।” सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इसी तर्ज पर तंज कसते हुए कहा कि “ज्ञानेश कुमार ने ट्रम्प के साथ ऐसा कभी नहीं होने दिया।”
मोइत्रा ने एक अन्य पोस्ट में हॉलीवुड और बॉलीवुड अभिनेताओं की तुलना की। उन्होंने लिखा कि हॉलीवुड के बड़े सितारे ट्रंप के खिलाफ खड़े हुए, जबकि बॉलीवुड में नसीरुद्दीन शाह के अलावा कोई असल जिंदगी में नहीं बोलता।
प्रियंका चतुर्वेदी की विवेक रामास्वामी को नसीहत
शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “विवेक रामास्वामी, इस हार से आपको कुछ सीखना है, तो वो ये सीखें कि कभी किसी महिला के ट्रॉमा और उसके साथ हुए यौन शोषण का मजाक मत बनाना। जीत के चक्कर में गरिमा और सम्मान बनाए रखना चाहिए।”
मिलिंद देवरा का एनडीए के संदर्भ में बयान
शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने भी नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह ‘ब्लू वेव’ (डेमोक्रेट्स की लहर) वैश्विक गतिशीलता को नया रूप दे सकती है। देवरा ने अपील करते हुए कहा, “उन लोगों से आग्रह है, जिन्होंने रिपब्लिकन पर भारत को धमकाने का आरोप लगाया। कृपया डेमोक्रेटिक जीत को एनडीए के लिए एक झटके के रूप में न देखें।”
