2026 मिडटर्म इलेक्शन: अमेरिका में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक लहर, टेक्सास से कंसास तक ढहे रिपब्लिकन के सबसे मजबूत किले

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अमेरिका के 2026 के मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों ने अप्रत्याशित नतीजे दिए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने न सिर्फ अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों (सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में बहुमत हासिल कर लिया है, बल्कि राज्य स्तर पर भी कई दशकों पुराने रिपब्लिकन वर्चस्व को तोड़ दिया है। टेक्सास, कंसास, ओहियो और जॉर्जिया जैसे राज्य, जिन्हें पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन का मजबूत गढ़ (लाल राज्य) माना जाता था, इस बार डेमोक्रेट्स (नीले रंग) के पक्ष में चले गए हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर क्या रहे चुनाव के नतीजे?

चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में 53 सीटें हासिल की हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 41 सीटों पर सिमट गई है। बहुमत के लिए सीनेट में 51 सीटों की आवश्यकता होती है। दूसरी ओर, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने 218 सीटों का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है।

राज्यों के गवर्नर पदों की बात करें तो चुनाव से पहले 26 गवर्नर रिपब्लिकन और 24 डेमोक्रेट्स के थे। लेकिन इन नतीजों के बाद डेमोक्रेट्स ने 4 रिपब्लिकन राज्यों में जीत हासिल कर ली है, जिससे 16 सालों में पहली बार डेमोक्रेट्स के पास देश भर में गवर्नरों का बहुमत हो गया है।

वो राज्य जो ‘लाल’ से ‘नीले’ हो गए

टेक्सास: 32 साल का रिपब्लिकन सूखा खत्म टेक्सास को रिपब्लिकन का सबसे अभेद्य किला माना जाता था।

  • सीनेट सीट: डेमोक्रेट जेम्स तालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराकर वह सीट जीती जो 32 सालों से रिपब्लिकन के पास थी। 1988 के बाद यह पहली बार है जब टेक्सास ने किसी डेमोक्रेटिक सीनेटर को चुना है। तालारिको पेशे से पूर्व शिक्षक हैं और उन्होंने ‘प्यार की राजनीति’ के नारे पर चुनाव लड़ा था।

  • गवर्नर पद: डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि जीना हिनोजोसा ने तीन बार के रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट को हरा दिया। इसके साथ ही जीना टेक्सास की पहली लैटिना गवर्नर बन गई हैं। 1994 के बाद यह टेक्सास में किसी डेमोक्रेट की राज्यव्यापी स्तर पर पहली जीत है।

कंसास: टूट गया 94 साल पुराना रिकॉर्ड

  • सीनेट सीट: कंसास में डेमोक्रेट एडम हैमिल्टन ने रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल को मात देकर 94 साल पुराना रिपब्लिकन सिलसिला तोड़ दिया है। हैमिल्टन 1932 के बाद कंसास से सीनेट में पहुंचने वाले पहले डेमोक्रेट हैं। उन्होंने खुद को ‘स्वतंत्र सोच वाला डेमोक्रेट’ बताकर चुनाव लड़ा।

साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना में जीत

  • साउथ कैरोलिना (सीनेट): डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन डार्लीन ग्राहम (दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन) को हराया। 1998 के बाद राज्य से कोई डेमोक्रेटिक सीनेटर चुना गया है।

  • नॉर्थ कैरोलिना: यहां डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस दोनों में जीत दर्ज की। डेमोक्रेट रॉय कूपर ने रिपब्लिकन माइकल व्हाटली को सीनेट में हराया, जबकि हाउस सीट पर डेमोक्रेट जेमी एगर ने जीत हासिल की।

ओहियो और जॉर्जिया में भी बड़े बदलाव

  • ओहियो: पूर्व डेमोक्रेटिक सीनेटर शेरोड ब्राउन ने विशेष चुनाव में रिपब्लिकन जॉन हस्टेड को हराकर अपनी सीट वापस हासिल की। वहीं, गवर्नर पद पर डेमोक्रेट एमी एक्टन ने रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी को हराकर 2007 के बाद ओहियो की पहली डेमोक्रेटिक गवर्नर बनने का गौरव हासिल किया।

  • जॉर्जिया (गवर्नर पद): डेमोक्रेट कीशा लांस बॉटम्स ने रिपब्लिकन रिक जैक्सन को हराया। अटलांटा की पूर्व मेयर बॉटम्स अमेरिका के किसी राज्य की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बन गई हैं। इसके साथ ही जॉर्जिया में 24 साल का रिपब्लिकन कंट्रोल खत्म हो गया।

आयोवा और मेन में भी डेमोक्रेट्स का परचम

  • आयोवा: सीनेट में पैरालंपियन जोश ट्यूरेक (डेमोक्रेट) ने एश्ले हिंसन को हराया। गवर्नर चुनाव में रॉब सैंड (डेमोक्रेट) ने रिपब्लिकन जैक लान को हराकर 2011 के बाद राज्य के पहले डेमोक्रेटिक गवर्नर का पद पक्का किया।

  • मेन (सीनेट): डेमोक्रेट ट्रॉय जैक्सन ने पांच बार की रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स को हरा दिया।

इन नतीजों के मायने क्या हैं?

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, ये चुनाव परिणाम रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा झटका माने जा रहे हैं। डेमोक्रेट्स ने न केवल वाशिंगटन डीसी में कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल किया है, बल्कि राज्य स्तर पर भी अपनी जड़ें मजबूत की हैं। 1990 के दशक के बाद यह पहली बार है जब देश की 60 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व डेमोक्रेटिक गवर्नरों द्वारा किया जाएगा।