तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश गौड का अमित शाह के दौरे पर हमला, केंद्र से पूछे तीखे सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हैदराबाद दौरे पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र में उनकी अपनी सरकार एक दशक से अधिक समय से सत्ता में है, तो गृह मंत्री की “लोकतंत्र बचाओ” पदयात्रा का क्या औचित्य है?
मीडिया से बातचीत के दौरान गौड ने मांग की कि रैलियां करने और बयानबाजी करने के बजाय, शाह को पहले तेलंगाना की जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र सरकार ने क्या वादे किए थे और राज्य के गठन के बाद से उसे कितनी वित्तीय सहायता जारी की गई है।
आंध्र विभाजन के वादों और विकास परियोजनाओं पर घेरा
टीपीसीसी प्रमुख ने भाजपा नेतृत्व के सामने कई तीखे सवाल रखे। उन्होंने पूछा कि आंध्र प्रदेश के पुनर्गठन अधिनियम के तहत दिए गए कितने आश्वासन पूरे हुए हैं, और काजीपेट रेलवे कोच फैक्ट्री तथा बय्याराम स्टील प्लांट जैसी प्रमुख परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति क्या है।
इसके साथ ही, उन्होंने तेलंगाना की सिंचाई परियोजनाओं को ‘राष्ट्रीय परियोजना’ का दर्जा दिए जाने के केंद्र के रुख पर भी सवाल खड़े किए। गौड ने चुनौती दी कि भाजपा को एक ‘श्वेत पत्र’ (white paper) जारी करना चाहिए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि केंद्र ने युवाओं के रोजगार, किसानों के कल्याण और राज्य के अधिकारों के लिए वास्तव में क्या काम किया है।
मतदाता सूची के SIR मुद्दे पर चुनाव आयोग से मांग
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी कांग्रेस नेता ने तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता उठाती रही है।
उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि वह यह सुनिश्चित करे कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार न छिने। गौड ने आरोप लगाया कि भाजपा तेलंगाना को केवल चुनावों के समय याद रखती है और चुनाव बीतने के बाद राज्य की समस्याओं को अनदेखा कर देती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा और बीआरएस के बीच एक अंदरूनी राजनीतिक समझ है।
