रामपुर में कोविड अनाथ बच्चों को मिले लैपटॉप, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत डीएम ने बांटे उपकरण
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए जिला प्रशासन ने एक कदम और उठाया है। जिलाधिकारी (डीएम) अजय कुमार द्विवेदी ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। इस योजना के तहत बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण के लिए लगातार आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
10 बच्चों को मिले लैपटॉप, चेहरे पर लौटी खुशी
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10 बच्चों को लैपटॉप वितरित किए। योजना के प्रावधानों के मुताबिक, कक्षा 9 पास कर चुके पात्र बच्चों को पढ़ाई में मदद के लिए लैपटॉप दिए जाते हैं। जब डीएम ने अपने हाथों से बच्चों को लैपटॉप सौंपे, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों का कहना था कि इन उपकरणों के मिलने से वे अपनी आगे की पढ़ाई को और बेहतर ढंग से जारी रख सकेंगे।
जिले में अब तक इतने बच्चों को मिला लाभ
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, रामपुर जिले में कुल 41 बच्चों को लैपटॉप वितरण के लिए चिन्हित किया गया था। इनमें से 25 बच्चों को पहले ही लैपटॉप दिए जा चुके हैं, जबकि हालिया चरण में 10 अन्य बच्चों को ये उपकरण वितरित किए गए हैं। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य कोरोना काल की त्रासदी में अपने अभिभावकों को खो चुके बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट न आने देना और उनके भविष्य को संवारना है।
दो चरणों में मिलती है योजना की सहायता
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों को दो चरणों में लाभ पहुंचाया जाता है। पहले चरण में 18 वर्ष की आयु तक स्कूली शिक्षा पूरी करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके बाद, यदि छात्र आगे भी उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहता है, तो उसे 18 से 23 वर्ष की आयु तक दूसरे चरण का लाभ मिलता है, जिससे उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से चलती रहे। योजना के तहत इन बच्चों को वर्तमान में प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है, साथ ही उनके खाने-पीने और शिक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है।
