NCP में मची खींचतान, अमित शाह से मिले 6 बड़े नेता; संजय राउत बोले- ‘महाराष्ट्र को कमजोर करने के लिए बनाए गए दो गुट’
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में अजित पवार के निधन के बाद अब अंदरूनी कलह की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी में चल रहे इसी घमासान के बीच एनसीपी (अजित गुट) के 6 वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार (2 नवंबर) को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस राजनीतिक घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है।
संजय राउत का बड़ा आरोप- ‘NCP अब अनाथ हो गई है’
अमित शाह और एनसीपी नेताओं की मुलाकात पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए ही एनसीपी के दो गुट बनाए गए थे। राउत ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी अब “अनाथ” हो गई है और यह पार्टी सिर्फ और सिर्फ शरद पवार की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में एनसीपी के दोनों गुटों का राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी राउत ने कड़ा रुख अपनाया और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। राउत ने तंज कसते हुए कहा, “कल उन्होंने ‘लोकतंत्र बचाने’ के नाम पर रैली की, लेकिन सवाल यह है कि जो लोग खुद लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं, वे आखिर किससे लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं?“
अमित शाह से मुलाकात, पार्थ पवार से नाराजगी की चर्चा
एनसीपी के भीतर चल रही कलह अब खुलकर सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पार्थ पवार की कार्यशैली और उनके द्वारा लिए गए फैसलों से नाखुश हैं। जीशान सिद्दीकी को मुंबई अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले पर नेताओं की शिकायत है कि ऐसे बड़े निर्णय पार्टी को एकमत से लेने चाहिए थे, लेकिन पार्थ पवार ने ऐसा नहीं किया।
इसी नाराजगी के बीच एनसीपी के वरिष्ठ नेता—प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे, हसन मुश्रीफ और दिलीप वलसे पाटिल—अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे। चर्चा है कि इस मुलाकात में वापस वित्त मंत्रालय एनसीपी को देने की मांग उठाई गई है।
मीटिंग में सुनेत्रा और पार्थ पवार की गैरमौजूदगी ने बढ़ाए सवाल
अमित शाह के साथ हुई इस अहम मुलाकात में महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार मौजूद नहीं थे, जिससे नेतृत्व को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच, आज शाम 4 बजे मुंबई में सुनेत्रा पवार के आधिकारिक आवास ‘देवगिरी’ पर एनसीपी कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई है।
सुनेत्रा पवार का रिकॉर्ड जीत के साथ सियासी सफर बता दें कि 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को 31 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने बारामती विधानसभा उपचुनाव लड़ा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस उपचुनाव में 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कोई भी 1,000 वोटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। इस रिकॉर्ड जीत के बाद सुनेत्रा पवार ने 6 मई को राज्यसभा से अपना इस्तीफा दे दिया था। बारामती सीट पर लंबे समय तक अजित पवार का दबदबा रहा था और वे यहां से 8 बार विधायक चुने गए थे।
