चुनाव आयोग का सख्त आदेश: 5 राज्यों में अफसरों के तबादले के निर्देश जारी
देश के पांच राज्यों— उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग (EC) एक्शन मोड में आ गया है। चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग ने अधिकारियों की तैनाती और तबादले (Transfer and Posting) को लेकर अहम और सख्त निर्देश जारी किए हैं।
गृह जिले और 3 साल से जमे अधिकारियों का होगा ट्रांसफर
चुनाव आयोग के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, चुनाव ड्यूटी से जुड़े किसी भी अधिकारी को उसके ‘गृह जिले’ (Home District) में तैनात नहीं रखा जाएगा। इसके साथ ही, जिन अधिकारियों ने पिछले 4 वर्षों के दौरान किसी एक ही जिले में 3 साल की सेवा पूरी कर ली है, उनका तत्काल प्रभाव से तबादला करना होगा। यह नियम चुनाव प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े सभी अधिकारियों पर लागू होगा।
यूपी और अन्य 4 राज्यों के लिए अलग-अलग कटऑफ डेट
आयोग ने अधिकारियों के कार्यकाल की गणना के लिए राज्यों के हिसाब से अलग-अलग कटऑफ तारीखें (Cut-off Dates) निर्धारित की हैं:
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उत्तर प्रदेश: अधिकारियों के कार्यकाल का आकलन 31 मई 2027 की स्थिति के आधार पर किया जाएगा।
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गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तराखंड: इन चारों राज्यों के लिए कटऑफ तारीख 31 मार्च 2027 तय की गई है।
संबंधित राज्य सरकारें इन्हीं तारीखों के आधार पर यह तय करेंगी कि कौन सा अधिकारी तय समयसीमा से ज्यादा वक्त से एक ही जिले में तैनात है।
प्रमोशन के बाद भी नहीं मिलेगी राहत
तबादले से बचने वाले अधिकारियों के लिए भी चुनाव आयोग ने नियम स्पष्ट कर दिए हैं। यदि किसी अधिकारी को उसी जिले के भीतर किसी दूसरे पद पर प्रमोशन (Promotion) मिलता है, तो उस नए पद पर बिताए गए समय को भी 3 साल की अवधि में ही गिना जाएगा। यानी सिर्फ पद बदलने से जिले में तैनाती का समय नए सिरे से शून्य (Zero) नहीं माना जाएगा। हालांकि, राज्य मुख्यालय में बिताई गई अवधि को लेकर कुछ विशेष शर्तें लागू हो सकती हैं, जिन पर चुनाव आयोग के निर्धारित नियमों के तहत ही फैसला लिया जाएगा।
