एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: एक्शन में CBI, मानसा पहुंचकर पंजाब पुलिस से फाइलें कीं जब्त
पंजाब के मानसा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पूर्व कबड्डी खिलाड़ी और एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने औपचारिक रूप से अपने हाथ में ले ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आश्वासन के बाद CBI की टीम मानसा पहुंची और पंजाब पुलिस से इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और जांच फाइलें अपने कब्जे में ले ली हैं।
गृह मंत्री का 120 दिन में जांच पूरी करने का भरोसा
झोटा हत्याकांड की जांच CBI से कराने की घोषणा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की थी। इसके बाद, हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिवार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया था कि CBI इस संवेदनशील मामले की जांच 120 दिन के भीतर पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
CBI अधिकारियों ने मानसा पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, हालांकि टीम ने कैमरे के सामने इस मामले में फिलहाल कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।
पुलिस की भूमिका और केमिस्ट शॉप पर बिक रहे नशे की होगी जांच
CBI अब इस हत्याकांड में कई अहम पहलुओं की गहराई से जांच करेगी:
-
हत्या की साजिश: परविंदर सिंह झोटा की हत्या के पीछे की असल साजिश क्या थी और इसमें मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे?
-
नशे का खुला खेल: केमिस्ट की दुकानों पर प्रतिबंधित दवाओं और मन:प्रभावी पदार्थों की खुलेआम बिक्री कैसे हो रही थी? क्या इस अवैध कारोबार को किसी रसूखदार का संरक्षण प्राप्त था?
-
पुलिस की भूमिका: इस पूरे नेटवर्क और हत्याकांड में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संभावित भूमिका या संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।
CBI जरूरत पड़ने पर मुख्य आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार और अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की मांग भी कर सकती है।
दिनदहाड़े बाजार में मारी गई थी गोली, लाइव वीडियो आया था सामने
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के दिन का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें झोटा और मेडिकल स्टोर के मालिक (अश्वनी कुमार) के बीच नशीली दवाओं की तस्करी को लेकर तीखी बहस होती दिख रही है।
वीडियो में झोटा पुलिस को बुलाने की बात कहते हैं, जबकि दुकानदार के हाथ में पिस्तौल दिखाई देती है। झोटा उसे पिस्तौल चलाने की चुनौती देते हैं, जिसके कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आती है। घायल झोटा दुकान से बाहर निकलकर पास की दुकान में छिपने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कौन थे परविंदर सिंह झोटा?
दक्षिणी पंजाब के मानसा शहर के रहने वाले परविंदर सिंह झोटा एक पूर्व फ्रीस्टाइल कबड्डी खिलाड़ी थे। कुछ साल पहले उन्होंने नशे के खिलाफ एक एंटी-ड्रग टास्क फोर्स और अपना संगठन बनाया था। वे नशे का कारोबार करने वालों को पकड़कर सीधे पुलिस के हवाले करते थे, जिसके चलते वह ड्रग माफिया की आंखों की किरकिरी बन गए थे।
