ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 13 की मौत

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी की रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। छिनोर रोड स्थित शीतला माता मंदिर के पास रात करीब 1:30 बजे धान से भरे एक बेकाबू ट्रक ने दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस भयावह घटना में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 39 लोग घायल हुए हैं। लोगों को रौंदने के बाद ट्रक बेकाबू होकर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया और पलट गया।

ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस बैरिकेड तोड़कर भीड़ में जा घुसा ट्रक

एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, नवरात्रि के कारण छिनोर की ओर से मंदिर आने वाली ढलान वाली सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया था। रात के वक्त जब धान से लदा यह ट्रक वहां पहुंचा, तो सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे चेकपॉइंट पर रोकने का प्रयास किया।

ट्रक चालक ने पुलिस के निर्देश को अनसुना कर दिया और बैरिकेड तोड़ते हुए आगे निकल गया। तेज रफ्तार वाहन सीधे उन श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा, जो उस समय मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे।

दो पुलिसकर्मी भी घायल, 5 से ज्यादा को गंभीर फ्रैक्चर

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सभी 39 घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बताया कि इनमें से 5 से ज्यादा लोगों को गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं। इसके अलावा, चेकपॉइंट पर ड्यूटी दे रहे दो पुलिसकर्मी भी इस बेकाबू ट्रक की चपेट में आ गए, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं।

नशे में था ड्राइवर या ब्रेक फेल? RTO करेगा जांच

घटना की सूचना मिलते ही ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान भी प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने वहां के खौफनाक मंजर का जायजा लिया और तुरंत RTO (क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) को हादसे के तकनीकी कारणों की जांच के आदेश दिए।

प्रशासन अब कई अहम सवालों के जवाब तलाश रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रक किसका था, कहां जा रहा था और क्या उस वक्त ड्राइवर नशे की हालत में था। इसके अलावा इस पहलू पर भी जांच हो रही है कि कहीं ट्रक में कोई तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) तो नहीं आई थी, जिसके चलते बाईं ओर मुड़ते समय वह अनियंत्रित हो गया।

कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर इस घटना में सुरक्षा व्यवस्था या बैरिकेडिंग को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।